हज़ारीबाग: होलिका दहन में बुटझंगरी जलाने की परंपरा, हजारीबाग का सजा बाजार
आपको बता दे की होली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ गई है। वही बिरस्पतिवार 13 मार्च जो रंग-गुलाल के साथ ही हजारीबाग में बुटझंगरी (चना) का बाजार भी सज चुका है। सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार, होलिका दहन के दौरान बुटझंगरी जलाने की मान्यता है, जिसे अगले दिन प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है। होली हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जो सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से विशेष महत्व रखता है। होलिका दहन के बाद इसे नए साल की शुरुआत के रूप में भी देखा जाता है। इस अवसर पर कई परंपराएं निभाई जाती हैं,