आज का दिन मेरे लिए बेहद भावुक है। एक समय था जब इस स्कूल की बिल्डिंग को मैंने बुरी हालत में देखा था। एक ऐसी रोती हुई इमारत जो एक खुशहाल देश नहीं बना सकती। अगर देश को खुशहाल बनाना है तो स्कूल की इमारतों को संवारिए। आज वही इमारत मुस्कुराते हुए खड़ी है।" पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया