कैलान गांव समेत मेराल ग्राम तक करीब 35 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन पर पत्थर माफियाओं का आतंक बढ़ता जा रहा है। रेलवे ट्रैक में लगी गिट्टी और बोल्डर को संगठित गिरोह दिनदहाड़े निकाल रहे हैं और ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। चोरी की गई सामग्री का इस्तेमाल सड़क, नाली निर्माण और निजी मकानों में खुलेआम किया जा रहा है। सबसे ज्यादा चोरी कैलान के जंगल और बरडीहा रोड के पास