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बंडा: बरेठी के पास पिकअप पलटने से 15 लोग घायल

Banda, Sagar | Jul 1, 2026
बरेठी के समीप एक पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में करीब 15 लोग घायल हो गए। प्राप्त जानकारी अनुसार मंगलवार की रात्रि करीब 10 बजे बरेठी के समीप पिकअप अनियंत्रित होकर पलटने से करीब 15 लोग घायल हो गए। सभी घायल बहरोल के निवासी बताएं जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर बंडा पुलिस पहुंची और घायलों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

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बाँदा... मेडिकल कालेज में बाहर से दवा लिखने का बड़ा रैकेट आया सामने, मेडिकल कालेज के प्राचार्य सुनील कौशल बने कठपुतली, कौन चला रहा बाँदा का मेडिकल कालेज। गरीब जनता को कब मिलेगा फ्री व सस्ता इलाज। 
Part - 4

#banda #bandanews #UPGovernment #bandaroundup #ranidurgavatimedicalcollage #UPMEducationAndTraining #BrajeshPathak 

Banda Roundup Brajesh Pathak Ramkesh Nishad Keshav Prasad Maurya BANDA News Banda Ki Chugli Banda - बाँदा DM Banda

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Banda, Banda | Jul 28, 2026

महेश कश्यप प्रदेश महासचिव पूर्व जिला अध्यक्ष झांसी की प्रेस कॉन्फ्रेंस

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Banda, Banda | Jul 28, 2026

भारत के करोड़ों क्रिएटर्स विदेशी प्लेटफॉर्म पर निर्भर, अपना वैश्विक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कब?
नई दिल्ली। भारत दुनिया के सबसे बड़े इंटरनेट और डिजिटल कंटेंट बाजारों में शामिल है। लाखों भारतीय क्रिएटर्स प्रतिदिन YouTube, Facebook और Instagram जैसे विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो, फोटो और अन्य सामग्री साझा करते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्लेटफॉर्म पर सक्रिय अधिकांश छोटे और मध्यम स्तर के क्रिएटर्स को नियमित और स्थायी आय नहीं मिल पाती।
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत में डिजिटल क्रिएटर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है और इनमें बड़ी संख्या छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले युवाओं की है। इसके बावजूद केवल सीमित संख्या में ही क्रिएटर्स कंटेंट निर्माण को पूर्णकालिक रोजगार के रूप में अपनाने में सफल हो पाते हैं, जबकि अधिकांश क्रिएटर्स बेहतर कमाई और अवसरों की तलाश में संघर्ष करते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में स्वदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करने के प्रयास हुए हैं, लेकिन वैश्विक प्रतिस्पर्धा, भारी निवेश, तकनीकी अवसंरचना और पहले से स्थापित अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म के विशाल उपयोगकर्ता आधार के कारण उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।
डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि भारत भविष्य में एक मजबूत और वैश्विक स्तर का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करता है, तो इससे स्थानीय नवाचार, रोजगार, डेटा प्रबंधन और भारतीय क्रिएटर्स के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि, इसके लिए दीर्घकालिक निवेश, उन्नत तकनीक और उपयोगकर्ताओं का विश्वास जीतना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
इसी के साथ यह प्रश्न भी उठ रहा है कि क्या भारत के डिजिटल भविष्य और क्रिएटर इकोनॉमी को लेकर व्यापक स्तर पर बहस होनी चाहिए? क्या देश को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के विकास पर अधिक ध्यान देना चाहिए, या वैश्विक प्लेटफॉर्म ही आगे का रास्ता हैं?
आपकी इस विषय पर क्या राय है? क्या भारत को अपना मजबूत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करना चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं। धन्यवाद।
UP 90 Creator 
#DigitalIndia #CreatorEconomy #IndianCreators #SocialMedia #Technology

भारत के करोड़ों क्रिएटर्स विदेशी प्लेटफॉर्म पर निर्भर, अपना वैश्विक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कब? नई दिल्ली। भारत दुनिया के सबसे बड़े इंटरनेट और डिजिटल कंटेंट बाजारों में शामिल है। लाखों भारतीय क्रिएटर्स प्रतिदिन YouTube, Facebook और Instagram जैसे विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो, फोटो और अन्य सामग्री साझा करते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्लेटफॉर्म पर सक्रिय अधिकांश छोटे और मध्यम स्तर के क्रिएटर्स को नियमित और स्थायी आय नहीं मिल पाती। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत में डिजिटल क्रिएटर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है और इनमें बड़ी संख्या छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले युवाओं की है। इसके बावजूद केवल सीमित संख्या में ही क्रिएटर्स कंटेंट निर्माण को पूर्णकालिक रोजगार के रूप में अपनाने में सफल हो पाते हैं, जबकि अधिकांश क्रिएटर्स बेहतर कमाई और अवसरों की तलाश में संघर्ष करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में स्वदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करने के प्रयास हुए हैं, लेकिन वैश्विक प्रतिस्पर्धा, भारी निवेश, तकनीकी अवसंरचना और पहले से स्थापित अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म के विशाल उपयोगकर्ता आधार के कारण उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि भारत भविष्य में एक मजबूत और वैश्विक स्तर का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करता है, तो इससे स्थानीय नवाचार, रोजगार, डेटा प्रबंधन और भारतीय क्रिएटर्स के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि, इसके लिए दीर्घकालिक निवेश, उन्नत तकनीक और उपयोगकर्ताओं का विश्वास जीतना सबसे बड़ी चुनौती होगी। इसी के साथ यह प्रश्न भी उठ रहा है कि क्या भारत के डिजिटल भविष्य और क्रिएटर इकोनॉमी को लेकर व्यापक स्तर पर बहस होनी चाहिए? क्या देश को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के विकास पर अधिक ध्यान देना चाहिए, या वैश्विक प्लेटफॉर्म ही आगे का रास्ता हैं? आपकी इस विषय पर क्या राय है? क्या भारत को अपना मजबूत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करना चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं। धन्यवाद। UP 90 Creator #DigitalIndia #CreatorEconomy #IndianCreators #SocialMedia #Technology

Banda, Banda | Jul 27, 2026

भारत के करोड़ों क्रिएटर्स विदेशी प्लेटफॉर्म पर निर्भर, अपना वैश्विक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कब?
नई दिल्ली। भारत दुनिया के सबसे बड़े इंटरनेट और डिजिटल कंटेंट बाजारों में शामिल है। लाखों भारतीय क्रिएटर्स प्रतिदिन YouTube, Facebook और Instagram जैसे विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो, फोटो और अन्य सामग्री साझा करते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्लेटफॉर्म पर सक्रिय अधिकांश छोटे और मध्यम स्तर के क्रिएटर्स को नियमित और स्थायी आय नहीं मिल पाती।
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत में डिजिटल क्रिएटर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है और इनमें बड़ी संख्या छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले युवाओं की है। इसके बावजूद केवल सीमित संख्या में ही क्रिएटर्स कंटेंट निर्माण को पूर्णकालिक रोजगार के रूप में अपनाने में सफल हो पाते हैं, जबकि अधिकांश क्रिएटर्स बेहतर कमाई और अवसरों की तलाश में संघर्ष करते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में स्वदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करने के प्रयास हुए हैं, लेकिन वैश्विक प्रतिस्पर्धा, भारी निवेश, तकनीकी अवसंरचना और पहले से स्थापित अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म के विशाल उपयोगकर्ता आधार के कारण उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।
डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि भारत भविष्य में एक मजबूत और वैश्विक स्तर का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करता है, तो इससे स्थानीय नवाचार, रोजगार, डेटा प्रबंधन और भारतीय क्रिएटर्स के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि, इसके लिए दीर्घकालिक निवेश, उन्नत तकनीक और उपयोगकर्ताओं का विश्वास जीतना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
इसी के साथ यह प्रश्न भी उठ रहा है कि क्या भारत के डिजिटल भविष्य और क्रिएटर इकोनॉमी को लेकर व्यापक स्तर पर बहस होनी चाहिए? क्या देश को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के विकास पर अधिक ध्यान देना चाहिए, या वैश्विक प्लेटफॉर्म ही आगे का रास्ता हैं?
आपकी इस विषय पर क्या राय है? क्या भारत को अपना मजबूत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करना चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं। धन्यवाद।
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भारत के करोड़ों क्रिएटर्स विदेशी प्लेटफॉर्म पर निर्भर, अपना वैश्विक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कब? नई दिल्ली। भारत दुनिया के सबसे बड़े इंटरनेट और डिजिटल कंटेंट बाजारों में शामिल है। लाखों भारतीय क्रिएटर्स प्रतिदिन YouTube, Facebook और Instagram जैसे विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो, फोटो और अन्य सामग्री साझा करते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्लेटफॉर्म पर सक्रिय अधिकांश छोटे और मध्यम स्तर के क्रिएटर्स को नियमित और स्थायी आय नहीं मिल पाती। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत में डिजिटल क्रिएटर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है और इनमें बड़ी संख्या छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले युवाओं की है। इसके बावजूद केवल सीमित संख्या में ही क्रिएटर्स कंटेंट निर्माण को पूर्णकालिक रोजगार के रूप में अपनाने में सफल हो पाते हैं, जबकि अधिकांश क्रिएटर्स बेहतर कमाई और अवसरों की तलाश में संघर्ष करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में स्वदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करने के प्रयास हुए हैं, लेकिन वैश्विक प्रतिस्पर्धा, भारी निवेश, तकनीकी अवसंरचना और पहले से स्थापित अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म के विशाल उपयोगकर्ता आधार के कारण उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि भारत भविष्य में एक मजबूत और वैश्विक स्तर का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करता है, तो इससे स्थानीय नवाचार, रोजगार, डेटा प्रबंधन और भारतीय क्रिएटर्स के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि, इसके लिए दीर्घकालिक निवेश, उन्नत तकनीक और उपयोगकर्ताओं का विश्वास जीतना सबसे बड़ी चुनौती होगी। इसी के साथ यह प्रश्न भी उठ रहा है कि क्या भारत के डिजिटल भविष्य और क्रिएटर इकोनॉमी को लेकर व्यापक स्तर पर बहस होनी चाहिए? क्या देश को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के विकास पर अधिक ध्यान देना चाहिए, या वैश्विक प्लेटफॉर्म ही आगे का रास्ता हैं? आपकी इस विषय पर क्या राय है? क्या भारत को अपना मजबूत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करना चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं। धन्यवाद। UP 90 Creator #DigitalIndia #CreatorEconomy #IndianCreators #SocialMedia #Technology

Banda, Banda | Jul 27, 2026

बांदा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के प्रयास के मामले में दो आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनकी हालत सामान्य बताई जा रही है।

बांदा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के प्रयास के मामले में दो आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनकी हालत सामान्य बताई जा रही है।

Banda, Banda | Jul 27, 2026