विश्व चले शिखर सम्मेलन 2025 में कम रेखा गुप्ता ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि खुले में शौच करना इतना सामान्य और सामान्य हुआ करता था कि यह बिल्कुल भी गलत नहीं लगता था जरा सोच आंदोलन कब शुरू हुआ जब लोगों ने सचमुच में एहसास हुआ कि खुले में शौच करना गलत है