श्मशान घाट में लाखों रुपये की लागत से निर्मित विद्युत शवदाह गृह आज भी बदहाली का शिकार है। आधुनिक सुविधा देने के उद्देश्य से बनाया गया यह विद्युत शवदाह आज तक एक बार भी चालू नहीं हुआ।परिणामस्वरूप सरकारी धन की भारी बर्बादी हो रही है। जबकि आम लोगों को जिन सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए था वे आज भी उनसे वंचित हैं। शवदाह गृह में लगा जनरेटर भी आज तक चालू नहीं हुआ।