चक्रधरपुर शहर में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। करीब 50 वर्ष पूर्व पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा निर्मित 3 लाख लीटर क्षमता वाली जलमीनार आज पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। देखरेख और समय पर मरम्मत के अभाव में इसकी स्थिति इतनी खराब हो गई है कि इससे जुड़े लगभग 500 परिवारों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।