ज्ञापन में तिवारी ने चंपावत से करीब 20 किमी दूर नारियलगांव क्षेत्र में कृषि महाविद्यालय खोलने के औचित्य और भौतिक संसाधनों की उपलब्धता का भी उल्लेख किया था। नरियालगांव प्रोजेक्ट की 2 हजार नाली जमीन में से सिर्फ 300 नाली भूमि पर वर्तमान में बद्री गाय संरक्षण केंद्र चलने का उल्लेख किया था।