निर्णय लिया गया कि समाज की ओर से प्याऊ घर खोला जाएगा एवं पशु पक्षियों के लिए भी पीने की पानी की व्यवस्था इस ग्रीष्मकाल में परशुराम भवन के द्वार के पास रखा जाएगा। अपने-अपने विचार रखने वालों में प्रमुख रूप से दिनेश पांडे, अजय शर्मा, राजेन्द्र शुक्ला राजेश उपाध्याय, एम पांडे, ब्रजेश दुबे, मनोज पांडे, मनीष शर्मा, दिवाकर दुबे आदि प्रमुख रूप से शामिल थे।