समाज सेवा जब श्रद्धा से जुड़ती है तब वह पुण्य बन जाती है और यही दृश्य देखने को मिला सोमवार को जब स्वर्गीय पंडित विजय नारायण त्रिपाठी की पुण्यतिथि पर सेवा संवेदना और संस्कार का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया गया उनकी स्मृति में ओपीडी सेवाएं पूर्णता निशुल्क रखी गई जिससे बड़ी संख्या में मरीजों को सीधा लाभ मिला और इलाज के लिए भटकते जरूरतमंदों को राहत कीसांस नसीब