क्षेत्र में होलिका दहन सोमवार की रात उत्साह से किया गया। ग्रहण के कारण होलिका दहन धुरेंडी से एक दिन पहले किया गया। सोमवार की रात 8:30 बजे जगह जगह होलिका सजाई गई और होलिका का परंपरा के अनुसार दहन किया गया।होलिका सजाकर, लाल ंझंडा लगाकर और गोबर के उपले गुलरिया लगाकर होलिका दहन पूजन कर किया गया। इस बार धुरेंडी एक दिन बाद बुधवार को होगी।