कुशलगढ़: अतिक्रमण की मार से सिमटी हिरण नदी, बरसात में बाढ़ का खतरा बढ़ा
कभी नगर की जीवनरेखा और आत्मा मानी जाने वाली हिरण नदी आज अतिक्रमण और उपेक्षा के चलते अपना मूल स्वरूप खोती नजर आ रही है। कोटड़ा मार्ग से महादेव मंदिर की ओर बहने वाली यह नदी, जो एक समय लगभग 50 मीटर चौड़ी और करीब 45 फीट गहरी हुआ करती थी, अब कई स्थानों पर संकरे नाले जैसी दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार नदी किनारों पर लगातार मिट्टी भराव, निर्माण सामग्री