मनोरंजन के नाम पर फूहड़ता और बेटियों के सम्मान से खिलवाड़ कब तक? 🤔🚫
अभी हाल ही में सिर्फ गलत कमेंट और अमर्यादित भाषा के चक्कर में मनीष पटेल को जेल की हवा खानी पड़ी है। एक-दो बार नहीं, बल्कि चार-चार बार जमानत याचिका खारिज हो चुकी है और वह आज भी सलाखों के पीछे दिन काट रहा है। कानून का यह कड़ा रुख साफ बताता है कि अब सोशल मीडिया पर की गई हरकतों को हल्के में नहीं लिया जाएगा।
लेकिन अफ़सोस! मनीष पटेल का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि कुछ तथाकथित 'रोडछाप' कंटेंट क्रिएटर्स सिर्फ चंद लाइक्स, व्यूज और रीच बटोरने के लिए फिर से वही गंदगी परोसने लगे हैं। वीडियो में देखिए कि कैसे "जनगणना" के नाम पर अश्लील और दोहरे अर्थ वाले डायलॉग्स बोलकर लड़कियों के सम्मान और सामाजिक मर्यादा का खुलेआम मजाक उड़ाया जा रहा है।
मेरा आप सभी जिम्मेदार दर्शकों और समाज के प्रबुद्ध नागरिकों से सीधा सवाल है: 👇
मनोरंजन के नाम पर समाज में ऐसी मानसिक गंदगी फैलाने वाले इन तथाकथित क्रिएटर्स का क्या इलाज होना चाहिए? क्या इन्हें भी कानून का वही स्वाद नहीं चखना चाहिए जो मनीष पटेल चख रहा है?
कमेंट बॉक्स में अपनी बेबाक प्रतिक्रिया दें और इस वीडियो को इतना शेयर करें कि यह ज़िम्मेदार अधिकारियों तक पहुँचे!
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