कैंपियरगंज: चिलुआताल थाने में पंजीकृत आत्महत्या के दुष्प्रेरण के मामले में कोर्ट ने अभियुक्तगण को सुनाई 5-5 वर्ष के कारावास की सजा
चिलुआताल थाने में पंजीकृत वर्ष 2010 में आत्महत्या के दुष्प्रेरण के अभियोग में दोष सिद्ध पाए जाने पर, न्यायालय गोरखपुर के द्वारा अभियुक्तगढ़ को सजा सुनाई गई, जिसमें उमेश प्रजापति व गुजराती देवी को अपराध का दोषी पाए जाने पर, पांच-पांच वर्ष कारावास की सजा सुनाई गई, साथ ही 25-25 हजार रुपए के अर्थ दंड से भी उन्हें दंडित किया गया।