बीते कई दिनों से न्याय की उम्मीद लगाए नगर निगम के चक्कर काट रहीं दर्जनभर से अधिक महिलाओं को मंगलवार दोपहर 3:00 बजे तक भी कोई राहत नहीं मिली है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि वर्षों से चला आ रहा उनका छोटा व्यापार उजाड़ने में नगर निगम सबसे आगे रहा, लेकिन उजड़े व्यापार के बदले न तो कोई वैकल्पिक स्थान दिया गया और न ही रोज़गार उपलब्ध कराया गया।