आज 3 मार्च सुबह 11 बजे नगर के ज्योतिषाचार्य पंडित मुरलीधर व्यास ने बताया कि सूतक प्रारंभ होने से पहले मंदिरों में अभिषेक, पूजन और आरती संपन्न कर ली जाएगी। ग्रहण समाप्त होने के बाद करीब 6:50 बजे मंदिरों के पट दोबारा खोले जाएंगे। इसके बाद भगवान को भोग अर्पित कर विधि-विधान से आरती की जाएगी। वस्त्र या अन्य वस्तुओं का दान करना शुभ माना गया है।