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अशोक नगर: चंदेरी के पास बाइक फिसलने से 30 वर्षीय युवक सहित दो बच्चे घायल, अस्पताल में भर्ती

चंदेरी के पास अचानक से बाइक अनियंत्रित होकर फिसलने से बाइक चालक सहित दो मासूम बच्चे घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार ईसागढ़ थाना अंतर्गत ग्राम अमोला निवासी भूरा पुत्र श्यामा आदिवासी उम्र 30 वर्ष अपनी 6 वर्षीय बेटी पिंकी आदिवासी एवं 5 वर्षीय बेटे शनि के साथ ससुराल गोरा गांव जा रहा था। इसी दौरान चंदेरी के पास रविवार को सुबह 11:30 बजे बाइक अचानक से अनियंत्रित

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दो आरक्षकों ने अंडरपास में मिले बीमार बुजुर्ग को पहुंचाया अस्पताल 👮
SP Ashoknagar - M.P. 
#ashoknagar #police #NewsUpdate #fbviral #fb

दो आरक्षकों ने अंडरपास में मिले बीमार बुजुर्ग को पहुंचाया अस्पताल 👮 SP Ashoknagar - M.P. #ashoknagar #police #NewsUpdate #fbviral #fb

Ashoknagar, Ashok Nagar | Jul 15, 2026

2 करोड़ से अधिक मूल्य की शासकीय भूमि को अतिक्रमण से कराया मुक्त 
--
कलेक्टर श्री साकेत मालवीय के निर्देशानुसार एसडीएम अशोकनगर श्री इसरार खान के मार्गदर्शन में तहसीलदार अशोकनगर श्री भारतेंदु यादव द्वारा न्यायालय तहसीलदार अशोकनगर के प्रकरण 69/अ 68/25-26 के बेदखली आदेश के क्रम में ग्राम शंकरपुर पछार स्थित शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 52 रकबा 0.742 ,114 रकबा 0.115 ,115 रकबा 0.261 कुल रकबा 1.118 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। उक्त भूमि पर रामस्वरूप पुत्र श्यामलाल प्रजापति द्वारा कॉलोनी की सड़क बनाकर अवैध रूप से कब्जा किया गया था। उक्त भूमि का बाज़ारू मूल्य लगभग दो करोड़ 20 लाख रुपए है।
Jansampark Madhya Pradesh 
Collector Ashok Nagar 
#ashoknagar

2 करोड़ से अधिक मूल्य की शासकीय भूमि को अतिक्रमण से कराया मुक्त -- कलेक्टर श्री साकेत मालवीय के निर्देशानुसार एसडीएम अशोकनगर श्री इसरार खान के मार्गदर्शन में तहसीलदार अशोकनगर श्री भारतेंदु यादव द्वारा न्यायालय तहसीलदार अशोकनगर के प्रकरण 69/अ 68/25-26 के बेदखली आदेश के क्रम में ग्राम शंकरपुर पछार स्थित शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 52 रकबा 0.742 ,114 रकबा 0.115 ,115 रकबा 0.261 कुल रकबा 1.118 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। उक्त भूमि पर रामस्वरूप पुत्र श्यामलाल प्रजापति द्वारा कॉलोनी की सड़क बनाकर अवैध रूप से कब्जा किया गया था। उक्त भूमि का बाज़ारू मूल्य लगभग दो करोड़ 20 लाख रुपए है। Jansampark Madhya Pradesh Collector Ashok Nagar #ashoknagar

Ashok Nagar, Madhya Pradesh | Jul 15, 2026

जनसुनवाई में प्राप्त आवेदन पर कार्यवाही कर हितग्राहियों को एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत
--
कलेक्टर श्री साकेत मालवीय के समक्ष 14 जुलाई 2026 को जनसुनवाई में आवेदक श्री चैन सिंह पुत्र श्री मन्नू लाल चिढार निवासी ग्राम हैदर तहसील ईसागढ जिला अशोकनगर द्वारा आर्थिक सहायता राशि 01 लाख रुपए का भुगतान करने हेतु आवेदन दिया था।उक्त संबंध में मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना 2008 (ब) दुर्घटना से स्थाई अपंगता अन्तर्गत न्यायालय कलेक्टर जिला अशोकनगर द्वारा आवेदक के पुत्र अजय पुत्र चैन सिंह चिढार निवासी ग्राम हैदर तहसील ईसागढ जिला अशोकनगर को आर्थिक सहायता राशि 1,00,000 स्वीकृत की गई है। वर्तमान में संबंधित मद में उपलब्ध राशि में से मानवीय संवेदना के आधार पर तत्कालिक तौर पर हितग्राही को राशि रुपये 50 हजार रुपए की सहायता उपलब्ध कराई गई।
#ashoknagar

जनसुनवाई में प्राप्त आवेदन पर कार्यवाही कर हितग्राहियों को एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत -- कलेक्टर श्री साकेत मालवीय के समक्ष 14 जुलाई 2026 को जनसुनवाई में आवेदक श्री चैन सिंह पुत्र श्री मन्नू लाल चिढार निवासी ग्राम हैदर तहसील ईसागढ जिला अशोकनगर द्वारा आर्थिक सहायता राशि 01 लाख रुपए का भुगतान करने हेतु आवेदन दिया था।उक्त संबंध में मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना 2008 (ब) दुर्घटना से स्थाई अपंगता अन्तर्गत न्यायालय कलेक्टर जिला अशोकनगर द्वारा आवेदक के पुत्र अजय पुत्र चैन सिंह चिढार निवासी ग्राम हैदर तहसील ईसागढ जिला अशोकनगर को आर्थिक सहायता राशि 1,00,000 स्वीकृत की गई है। वर्तमान में संबंधित मद में उपलब्ध राशि में से मानवीय संवेदना के आधार पर तत्कालिक तौर पर हितग्राही को राशि रुपये 50 हजार रुपए की सहायता उपलब्ध कराई गई। #ashoknagar

Ashok Nagar, Madhya Pradesh | Jul 15, 2026

उचित मूल्य दुकान संचालकों ने उठाई समस्याएं
कमीशन, वेतन और कम तौल की समस्या को लेकर सौंपा ज्ञापन 🧾
#ashoknagar #NewsUpdate #local #fbpost #fb

उचित मूल्य दुकान संचालकों ने उठाई समस्याएं कमीशन, वेतन और कम तौल की समस्या को लेकर सौंपा ज्ञापन 🧾 #ashoknagar #NewsUpdate #local #fbpost #fb

Ashoknagar, Ashok Nagar | Jul 14, 2026

क्या इंसाफ अब सिर्फ़ कागज़ों में रह गया है...?📃
एक किसान... बेबस न्याय की चौखट पर खड़ा है। उसका आरोप है कि 13 जुलाई को उस पर और उसकी पत्नी पर दबंगों ने हमला किया गया, गहने लूट लिए गए, जातिसूचक गालियां दी गईं और जमीन छोड़कर गांव से चले जाने की धमकियां दी गईं। पीड़ित का यह भी आरोप है कि सात जुलाई को भी उससे मारपीट की गई थी जिसकी शिकायतों पर स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उसे ही डराया-धमकाया। यदि ये आरोप सही हैं, तो यह केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं, बल्कि उस भरोसे पर गहरी चोट है जो हर नागरिक कानून और न्याय व्यवस्था से रखता है। आखिर एक घायल और बेबस इंसान को अपनी ही पीड़ा साबित करने के लिए बार-बार आवेदन क्यों देने पड़ते हैं? दुर्भाग्य यह है कि ऐसे आरोपों वाले मामले समय-समय पर सामने आते रहते हैं, जहां पीड़ितों का कहना होता है कि उनकी शिकायतों पर समय पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई। जब ऐसा होता है, तो सवाल केवल एक थाने या एक मामले का नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का खड़ा होता है, जिस पर आम आदमी अपना सबसे बड़ा भरोसा रखता है। जब व्यवस्था मौन हो जाती है, तब अपराधियों के हौसले बोलने लगते हैं।जब पीड़ित ही असुरक्षित महसूस करने लगे, तब कानून का डर नहीं, बल्कि न्याय पर से भरोसा टूटने लगता है। पुलिस का काम किसी प्रभावशाली व्यक्ति का नहीं, कानून का पक्ष लेना है। वर्दी की असली गरिमा तब है, जब सबसे कमजोर और बेबस व्यक्ति भी यह विश्वास कर सके कि उसकी आवाज़ सुनी जाएगी और अपराधी, चाहे कितना भी ताकतवर क्यों न हो, कानून के सामने खड़ा होगा। इस मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच होनी चाहिए। यदि लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार लोगों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि न्याय में देरी सिर्फ एक व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होती, बल्कि पूरे समाज के विश्वास की हार होती है।
#Ashoknagar #Justice #MPPolice #VoiceOfVictims #GroundReport

क्या इंसाफ अब सिर्फ़ कागज़ों में रह गया है...?📃 एक किसान... बेबस न्याय की चौखट पर खड़ा है। उसका आरोप है कि 13 जुलाई को उस पर और उसकी पत्नी पर दबंगों ने हमला किया गया, गहने लूट लिए गए, जातिसूचक गालियां दी गईं और जमीन छोड़कर गांव से चले जाने की धमकियां दी गईं। पीड़ित का यह भी आरोप है कि सात जुलाई को भी उससे मारपीट की गई थी जिसकी शिकायतों पर स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उसे ही डराया-धमकाया। यदि ये आरोप सही हैं, तो यह केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं, बल्कि उस भरोसे पर गहरी चोट है जो हर नागरिक कानून और न्याय व्यवस्था से रखता है। आखिर एक घायल और बेबस इंसान को अपनी ही पीड़ा साबित करने के लिए बार-बार आवेदन क्यों देने पड़ते हैं? दुर्भाग्य यह है कि ऐसे आरोपों वाले मामले समय-समय पर सामने आते रहते हैं, जहां पीड़ितों का कहना होता है कि उनकी शिकायतों पर समय पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई। जब ऐसा होता है, तो सवाल केवल एक थाने या एक मामले का नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का खड़ा होता है, जिस पर आम आदमी अपना सबसे बड़ा भरोसा रखता है। जब व्यवस्था मौन हो जाती है, तब अपराधियों के हौसले बोलने लगते हैं।जब पीड़ित ही असुरक्षित महसूस करने लगे, तब कानून का डर नहीं, बल्कि न्याय पर से भरोसा टूटने लगता है। पुलिस का काम किसी प्रभावशाली व्यक्ति का नहीं, कानून का पक्ष लेना है। वर्दी की असली गरिमा तब है, जब सबसे कमजोर और बेबस व्यक्ति भी यह विश्वास कर सके कि उसकी आवाज़ सुनी जाएगी और अपराधी, चाहे कितना भी ताकतवर क्यों न हो, कानून के सामने खड़ा होगा। इस मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच होनी चाहिए। यदि लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार लोगों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि न्याय में देरी सिर्फ एक व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होती, बल्कि पूरे समाज के विश्वास की हार होती है। #Ashoknagar #Justice #MPPolice #VoiceOfVictims #GroundReport

Ashoknagar, Ashok Nagar | Jul 14, 2026