प्रताप विहार के पते पर दिसंबर में पंजीकृत कराई गई फर्म ने कुछ ही महीनों में 48 करोड़ रुपये का कारोबार किया और सरकार को 7.36 करोड़ रुपये का टैक्स नहीं चुकाया। फर्म की मौके पर जांच की गई तो वह नहीं पाई गई। फर्म संचालक का मोबाइल नंबर भी बंद आया। राज्य कर अधिकारी ने विजयनगर थाने में केस दर्ज करा कार्रवाई की मांग की है।