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51 हजार शिक्षक भर्ती को लेकर बेरोजगार महापंचायत इंदौर मे पहुचेगे राहुल गांधी #बेरोजगार_महापंचायत 27 को

9.3k views | Chhatarpur Nagar, Chhatarpur | Nov 25, 2022

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राजनगर में खाद की बोरी पर बवाल: 2100 रुपए वसूले, थमाई 1450 वाली बोरी; गिनती में भी निकली एक कम

छतरपुर (राजनगर)। जिले में किसानों को राहत देने के तमाम दावों के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने खाद बिक्री व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रामनगर निवासी किसान दिनेश पटेल ने आरोप लगाया है कि उन्होंने एक खाद भंडार से 13 बोरी खाद खरीदी, लेकिन घर पहुंचने पर गिनती में सिर्फ 12 बोरी निकली। इतना ही नहीं, किसान का दावा है कि जिस खाद के लिए उनसे 2100 रुपए प्रति बोरी लिए गए, उस पर छपा मूल्य 1450 रुपए था।

किसान के अनुसार, भुगतान करने के बाद खाद भंडार संचालक ने अपने वाहन चालक से खाद घर पहुंचाने को कहा। किसान का आरोप है कि इसी दौरान उन्हें बातचीत में उलझाए रखा गया और वाहन में 13 की बजाय 12 बोरी ही लाद दी गई।

घर पहुंचकर जब खाद उतारी गई तो गिनती में एक बोरी कम निकली। किसान ने तत्काल इसकी शिकायत की। उनका कहना है कि शुरुआत में एक बोरी देने की बात कही गई, लेकिन जब उन्होंने मूल्य अंतर का मुद्दा उठाया तो न अतिरिक्त बोरी मिली और न ही कथित अतिरिक्त राशि वापस की गई।

मामले को और दिलचस्प तब बताया जा रहा है जब वहां काम करने वाले एक पल्लेदार ने कथित रूप से स्वीकार किया कि वाहन में 12 बोरी ही लादी गई थीं। पल्लेदार विडियो में कहते हुए दिखाई दे रहा है।

किसान का कहना है कि:

13 बोरी का भुगतान किया गया।

वाहन में 12 बोरी भेजी गईं।

2100 रुपए प्रति बोरी की दर से राशि ली गई।

बोरी पर मुद्रित मूल्य 1450 रुपए था।

यदि किसान के आरोप सही हैं तो यह केवल एक बोरी का मामला नहीं, बल्कि किसानों से कथित अधिक वसूली और अनियमित बिक्री का गंभीर मामला बन सकता है। दूसरी ओर, यदि व्यापारी पक्ष के पास अलग तथ्य हैं तो उनकी भी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

फिलहाल मामला आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित है। अब निगाहें कृषि विभाग और जिला प्रशासन पर हैं कि वे जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाते हैं या यह मामला भी शिकायतों की लंबी फाइलों में कहीं दबकर रह जाता है।

(नोट: यह समाचार संबंधित पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या जांच रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है।)

राजनगर में खाद की बोरी पर बवाल: 2100 रुपए वसूले, थमाई 1450 वाली बोरी; गिनती में भी निकली एक कम छतरपुर (राजनगर)। जिले में किसानों को राहत देने के तमाम दावों के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने खाद बिक्री व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रामनगर निवासी किसान दिनेश पटेल ने आरोप लगाया है कि उन्होंने एक खाद भंडार से 13 बोरी खाद खरीदी, लेकिन घर पहुंचने पर गिनती में सिर्फ 12 बोरी निकली। इतना ही नहीं, किसान का दावा है कि जिस खाद के लिए उनसे 2100 रुपए प्रति बोरी लिए गए, उस पर छपा मूल्य 1450 रुपए था। किसान के अनुसार, भुगतान करने के बाद खाद भंडार संचालक ने अपने वाहन चालक से खाद घर पहुंचाने को कहा। किसान का आरोप है कि इसी दौरान उन्हें बातचीत में उलझाए रखा गया और वाहन में 13 की बजाय 12 बोरी ही लाद दी गई। घर पहुंचकर जब खाद उतारी गई तो गिनती में एक बोरी कम निकली। किसान ने तत्काल इसकी शिकायत की। उनका कहना है कि शुरुआत में एक बोरी देने की बात कही गई, लेकिन जब उन्होंने मूल्य अंतर का मुद्दा उठाया तो न अतिरिक्त बोरी मिली और न ही कथित अतिरिक्त राशि वापस की गई। मामले को और दिलचस्प तब बताया जा रहा है जब वहां काम करने वाले एक पल्लेदार ने कथित रूप से स्वीकार किया कि वाहन में 12 बोरी ही लादी गई थीं। पल्लेदार विडियो में कहते हुए दिखाई दे रहा है। किसान का कहना है कि: 13 बोरी का भुगतान किया गया। वाहन में 12 बोरी भेजी गईं। 2100 रुपए प्रति बोरी की दर से राशि ली गई। बोरी पर मुद्रित मूल्य 1450 रुपए था। यदि किसान के आरोप सही हैं तो यह केवल एक बोरी का मामला नहीं, बल्कि किसानों से कथित अधिक वसूली और अनियमित बिक्री का गंभीर मामला बन सकता है। दूसरी ओर, यदि व्यापारी पक्ष के पास अलग तथ्य हैं तो उनकी भी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। फिलहाल मामला आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित है। अब निगाहें कृषि विभाग और जिला प्रशासन पर हैं कि वे जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाते हैं या यह मामला भी शिकायतों की लंबी फाइलों में कहीं दबकर रह जाता है। (नोट: यह समाचार संबंधित पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या जांच रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है।)

Chhatarpur Nagar, Chhatarpur | Jun 24, 2026

आपने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ कि सास दामाद संग भागी फिर दामाद को भी छोड़कर किसी अन्य के साथ चली गई यह मामला सुना होगा 

 इसके बाद कानपुर में एक सगे सास दामाद ने कोर्ट मेरिज कर ली 

इसी बीच मध्यप्रदेश के छतरपुर में शादी सुदा 3 बच्चों के बच्चों कि नानी किरण कुशवाहा परिवार को छोड़कर फरीद खान के साथ चली गई 

अब इस मामले ने सवाल खड़े कर दिए समाज और परिवार कि जिम्मेदारियों पर...

जो महिला अच्छे खासे खुशियों भरे परिवार और समाज को छोड़कर चली गई क्या वह महिला फरीद खान के साथ पूरे जीवन साथ रह पाएगी या फिर फरीद खान पूरे जीवन इस महिला को रख पाएगा शहर में चर्चाओं का विषय बना हुआ है...

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CM मोहन को बदनाम करने की साजिश बेनकाब, जमीन के सारे आरोपों को झूठ बताते हुआ भाजपा का पलटवार

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