स्मार्ट सिटी की नदियां अब जीवन नहीं बल्कि गंभीर स्वास्थ्य संकट बन चुकी हैं। कॉस्मेटिक, डिटर्जेंट, केमिकल डाई और औद्योगिक कचरे से नदी का पानी पूरी तरह विषैला हो गया है। पानी छूते ही त्वचा पर जलन, खुजली, रैशेज और फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। भूजल तक प्रदूषण पहुंचने से लोगों की सेहत पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।