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"ज्वैलर्स से #फिरौती के लिए #धमकी देने वाला आरोपी #गिरफ्तार" ASP द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर, किया गया वारदात का खुलासा

14.6k views | Bharatpur, Rajasthan | Dec 21, 2023

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#कहीं_रिश्वत_ही_तो_चंदा_नहीं_बन_गया?
भरतपुर। रूपवास तहसील कार्यालय में आरटीआई के तहत रिकॉर्ड निरीक्षण के दौरान सरकारी रजिस्टर में संदिग्ध नकदी मिलने से हड़कंप मच गया। खानसूरजापुर निवासी विश्वेन्दर ने उपखण्ड अधिकारी को शिकायत देकर बताया कि 26 मई को निरीक्षण के दौरान उन्हें एक रजिस्टर के पन्नों के बीच ₹200-200 के नोटों में करीब 6 हजार रुपये दबे मिले। इस संदिग्ध राशि पर आपत्ति जताने पर वहां मौजूद बाबू दीपक बंसल और पटवारी संदीप यादव भड़क गए। आरोप है कि कर्मचारियों ने पीड़ित के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट का प्रयास किया और साक्ष्य मिटाने की नीयत से रुपयों वाली फाइल को वहां से गायब कर दिया। यही नहीं, तानाशाही रवैया अपनाते हुए पीड़ित को आगे का निरीक्षण करने से भी रोक दिया गया। पीड़ित ने इस राशि के रिश्वत या साजिश होने की आशंका जताते हुए कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करने और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ निष्पक्ष प्रशासनिक जांच की मांग की है।

#कहीं_रिश्वत_ही_तो_चंदा_नहीं_बन_गया? भरतपुर। रूपवास तहसील कार्यालय में आरटीआई के तहत रिकॉर्ड निरीक्षण के दौरान सरकारी रजिस्टर में संदिग्ध नकदी मिलने से हड़कंप मच गया। खानसूरजापुर निवासी विश्वेन्दर ने उपखण्ड अधिकारी को शिकायत देकर बताया कि 26 मई को निरीक्षण के दौरान उन्हें एक रजिस्टर के पन्नों के बीच ₹200-200 के नोटों में करीब 6 हजार रुपये दबे मिले। इस संदिग्ध राशि पर आपत्ति जताने पर वहां मौजूद बाबू दीपक बंसल और पटवारी संदीप यादव भड़क गए। आरोप है कि कर्मचारियों ने पीड़ित के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट का प्रयास किया और साक्ष्य मिटाने की नीयत से रुपयों वाली फाइल को वहां से गायब कर दिया। यही नहीं, तानाशाही रवैया अपनाते हुए पीड़ित को आगे का निरीक्षण करने से भी रोक दिया गया। पीड़ित ने इस राशि के रिश्वत या साजिश होने की आशंका जताते हुए कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करने और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ निष्पक्ष प्रशासनिक जांच की मांग की है।

Bharatpur, Bharatpur | Jun 2, 2026

#अंधेरे_में_डूबे_सीएम_सिटी_के_बाजार..
भरतपुर। मुख्यमंत्री के गृह शहर भरतपुर की मुख्य बाजार की सड़कों पर पूरी तरह से अंधेरा कायम है। लक्ष्मण मंदिर से कोतवाली होते हुए कुम्हेर गेट तक के मुख्य बाजार की रोड लाइटें बंद होने की वजह से सड़कों पर आवागमन करने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और पूरा यातायात केवल गाड़ियों की हेडलाइट के सहारे रेंगता नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाकी दिनों में रोड लाइट बंद होने के बावजूद मुख्य बाजारों में दुकानें खुली रहने से सड़कों पर काफी हद तक रोशनी रहती थी, जिससे राहगीरों को ज्यादा कठिनाई नहीं उठानी पड़ती थी। लेकिन मंगलवार होने के कारण आज बाजार की अधिकांश दुकानें पूरी तरह बंद थीं, जिसके चलते सड़कों पर घाना अंधेरा छा गया है। नगर निगम और विद्युत विभाग की इस लापरवाही के कारण राहगीर और दुपहिया वाहन चालक अंधेरे में दुर्घटना की आशंका के बीच सफर करने को मजबूर दिख रहे है। सीएम सिटी होने के बावजूद मुख्य बाजार की इस बदहाल व्यवस्था को लेकर स्थानीय नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है।

#अंधेरे_में_डूबे_सीएम_सिटी_के_बाजार.. भरतपुर। मुख्यमंत्री के गृह शहर भरतपुर की मुख्य बाजार की सड़कों पर पूरी तरह से अंधेरा कायम है। लक्ष्मण मंदिर से कोतवाली होते हुए कुम्हेर गेट तक के मुख्य बाजार की रोड लाइटें बंद होने की वजह से सड़कों पर आवागमन करने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और पूरा यातायात केवल गाड़ियों की हेडलाइट के सहारे रेंगता नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाकी दिनों में रोड लाइट बंद होने के बावजूद मुख्य बाजारों में दुकानें खुली रहने से सड़कों पर काफी हद तक रोशनी रहती थी, जिससे राहगीरों को ज्यादा कठिनाई नहीं उठानी पड़ती थी। लेकिन मंगलवार होने के कारण आज बाजार की अधिकांश दुकानें पूरी तरह बंद थीं, जिसके चलते सड़कों पर घाना अंधेरा छा गया है। नगर निगम और विद्युत विभाग की इस लापरवाही के कारण राहगीर और दुपहिया वाहन चालक अंधेरे में दुर्घटना की आशंका के बीच सफर करने को मजबूर दिख रहे है। सीएम सिटी होने के बावजूद मुख्य बाजार की इस बदहाल व्यवस्था को लेकर स्थानीय नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है।

Bharatpur, Bharatpur | Jun 2, 2026

#कहीं_रिश्वत_रख_भूल_तो_नहीं_गए?
भरतपुर। सरकारी दफ्तरों में पारदर्शिता के दावों के बीच रूपवास तहसील कार्यालय से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरटीआई कानून के तहत रिकॉर्ड का निरीक्षण करने पहुंचे एक सजग नागरिक को सरकारी रजिस्टर के पन्नों के बीच ₹200-200 के नोटों की गड्डियां (करीब छह हजार रुपये) दबी मिलीं। जब शिकायतकर्ता ने इस संदिग्ध राशि पर सवाल उठाया, तो कार्यालय के कर्मचारी इस कदर बौखला गए कि उन्होंने न सिर्फ निरीक्षण रुकवा दिया, बल्कि गाली-गलौज और मारपीट पर उतारू हो गए। ​खानसूरजापुर निवासी शिकायतकर्ता विश्वेन्दर ने उपखण्ड अधिकारी विष्णु बंसल को लिखित शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, 26 मई को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जब विश्वेन्दर तहसील कार्यालय में वर्ष 2023 के 'बुक नंबर 1' रजिस्टर का निरीक्षण कर रहे थे, तभी उन्हें पन्नों के बीच यह संदिग्ध नकदी मिली। इस बारे में जब उन्होंने संबंधित बाबू दीपक बंसल और पटवारी संदीप यादव से पूछताछ की, तो कर्मचारियों ने पहले इसे 'राणा सांगा समिति' का पैसा बताकर पल्ला झाड़ना चाहा। लेकिन जब पीड़ित ने सरकारी रिकॉर्ड में इस तरह नकद रखने पर आपत्ति जताई, तो दोनों कर्मचारी आपे से बाहर हो गए और आक्रामक होकर पीड़ित को डराने-धमकाने लगे। ​हैरानी की बात यह है कि इसी गहमा-गहमी और आक्रामक माहौल का फायदा उठाकर बाबू ने साक्ष्य नष्ट करने की नीयत से रुपयों वाली उस फाइल को तुरंत वहां से गायब कर दिया और पीड़ित को आगे का रिकॉर्ड दिखाने से साफ मना करते हुए दफ्तर से बाहर जाने को कह दिया। इस प्रकार एक वैध प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया को बीच में ही तानाशाही पूर्ण रवैये से रोक दिया गया। पीड़ित विश्वेन्दर ने आशंका जताई है कि सरकारी रजिस्टर में छिपाई गई यह राशि या तो रिश्वत की हो सकती है या फिर उन्हें किसी साजिश के तहत फंसाने के लिए वहां रखी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित ने तहसील कार्यालय के 26 मई के सीसीटीवी फुटेज को तुरंत सुरक्षित करने और आरटीआई के काम में बाधा डालने वाले आक्रामक कर्मचारियों के खिलाफ उच्च स्तरीय प्रशासनिक जांच कराने की गुहार लगाई है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही और गुंडागर्दी पर क्या कड़ा कदम उठाता है।

#कहीं_रिश्वत_रख_भूल_तो_नहीं_गए? भरतपुर। सरकारी दफ्तरों में पारदर्शिता के दावों के बीच रूपवास तहसील कार्यालय से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरटीआई कानून के तहत रिकॉर्ड का निरीक्षण करने पहुंचे एक सजग नागरिक को सरकारी रजिस्टर के पन्नों के बीच ₹200-200 के नोटों की गड्डियां (करीब छह हजार रुपये) दबी मिलीं। जब शिकायतकर्ता ने इस संदिग्ध राशि पर सवाल उठाया, तो कार्यालय के कर्मचारी इस कदर बौखला गए कि उन्होंने न सिर्फ निरीक्षण रुकवा दिया, बल्कि गाली-गलौज और मारपीट पर उतारू हो गए। ​खानसूरजापुर निवासी शिकायतकर्ता विश्वेन्दर ने उपखण्ड अधिकारी विष्णु बंसल को लिखित शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, 26 मई को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जब विश्वेन्दर तहसील कार्यालय में वर्ष 2023 के 'बुक नंबर 1' रजिस्टर का निरीक्षण कर रहे थे, तभी उन्हें पन्नों के बीच यह संदिग्ध नकदी मिली। इस बारे में जब उन्होंने संबंधित बाबू दीपक बंसल और पटवारी संदीप यादव से पूछताछ की, तो कर्मचारियों ने पहले इसे 'राणा सांगा समिति' का पैसा बताकर पल्ला झाड़ना चाहा। लेकिन जब पीड़ित ने सरकारी रिकॉर्ड में इस तरह नकद रखने पर आपत्ति जताई, तो दोनों कर्मचारी आपे से बाहर हो गए और आक्रामक होकर पीड़ित को डराने-धमकाने लगे। ​हैरानी की बात यह है कि इसी गहमा-गहमी और आक्रामक माहौल का फायदा उठाकर बाबू ने साक्ष्य नष्ट करने की नीयत से रुपयों वाली उस फाइल को तुरंत वहां से गायब कर दिया और पीड़ित को आगे का रिकॉर्ड दिखाने से साफ मना करते हुए दफ्तर से बाहर जाने को कह दिया। इस प्रकार एक वैध प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया को बीच में ही तानाशाही पूर्ण रवैये से रोक दिया गया। पीड़ित विश्वेन्दर ने आशंका जताई है कि सरकारी रजिस्टर में छिपाई गई यह राशि या तो रिश्वत की हो सकती है या फिर उन्हें किसी साजिश के तहत फंसाने के लिए वहां रखी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित ने तहसील कार्यालय के 26 मई के सीसीटीवी फुटेज को तुरंत सुरक्षित करने और आरटीआई के काम में बाधा डालने वाले आक्रामक कर्मचारियों के खिलाफ उच्च स्तरीय प्रशासनिक जांच कराने की गुहार लगाई है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही और गुंडागर्दी पर क्या कड़ा कदम उठाता है।

Bharatpur, Bharatpur | Jun 2, 2026

#भरतपुर। राज्य सरकार के 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' के तहत मंगलवार को बयाना नगर पालिका प्रशासन द्वारा एक विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान के अंतर्गत नगर पालिका के अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने कमल हौज बांध पर एकत्रित होकर श्रमदान किया, जिससे वहां साफ-सफाई की गई और बाद में दीपदान कर जल संरक्षण व पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प लिया। नगर पालिका की अधिशाषी अधिकारी अनिता कुमारी ने जल को जीवन का आधार बताते हुए प्रत्येक नागरिक से पानी का दुरुपयोग रोकने और जल स्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इसके बाद अभियान के दूसरे चरण में पालिका टीम ने कस्बे के गांधी चौक और अंबेडकर पार्क पहुंचकर महापुरुषों की प्रतिमाओं की साफ-सफाई की और उन पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस दौरान जेईएन कुणाल सिंघल, सफाई निरीक्षक पवन कुमार और कैशियर दीपक गुप्ता सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे, जिन्होंने आमजन से अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने और जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहकर इस राजकीय अभियान को सफल बनाने की अपील की।

#भरतपुर। राज्य सरकार के 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' के तहत मंगलवार को बयाना नगर पालिका प्रशासन द्वारा एक विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान के अंतर्गत नगर पालिका के अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने कमल हौज बांध पर एकत्रित होकर श्रमदान किया, जिससे वहां साफ-सफाई की गई और बाद में दीपदान कर जल संरक्षण व पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प लिया। नगर पालिका की अधिशाषी अधिकारी अनिता कुमारी ने जल को जीवन का आधार बताते हुए प्रत्येक नागरिक से पानी का दुरुपयोग रोकने और जल स्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इसके बाद अभियान के दूसरे चरण में पालिका टीम ने कस्बे के गांधी चौक और अंबेडकर पार्क पहुंचकर महापुरुषों की प्रतिमाओं की साफ-सफाई की और उन पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस दौरान जेईएन कुणाल सिंघल, सफाई निरीक्षक पवन कुमार और कैशियर दीपक गुप्ता सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे, जिन्होंने आमजन से अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने और जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहकर इस राजकीय अभियान को सफल बनाने की अपील की।

Bharatpur, Bharatpur | Jun 2, 2026

#वायरल_ऑडियो_ने_तहलका_मचाया!
भरतपुर। राजस्थान सरकार के गृह राज्य मंत्री एवं नगर विधायक जवाहर सिंह बेढम को लेकर एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने राजनीतिक गलियारों में तहलका मचा दिया है। हांलाकि "भरतपुर अभी अभी" इस वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है, लेकिन बिजली कटौती की बातचीत के इस ऑडियो ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए है। इस कथित वायरल ऑडियो में बिजली विभाग के कर्मचारी और एक व्यक्ति के बीच बातचीत हो रही है, जिसमें कर्मचारी कह रहा है कि "मंत्री जी पीछे लग रहे हैं, उनका सख्त आदेश है कि हमारे नगर विधानसभा क्षेत्र की बिजली बंद नहीं होनी चाहिए, चाहे कैथवाड़ा (कामां विधानसभा) की बिजली कितनी भी काटो।" बातचीत के दौरान कर्मचारी कह रहा हैं कि मंत्री जी के दबाव के कारण सभी बेबस हैं। अगर मंत्री का आदेश नहीं माना तो सस्पेंड होना पड़ेगा, या फिर लंबा जाना पड़ेगा। इस कथित वायरल ऑडियो के सामने आने के बाद अब जनता द्वारा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से यह मांग की जा रही है कि इस ऑडियो की सत्यता की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि जांच में ऑडियो सही पाई जाती है, तो तुरंत सख्त एक्शन लिया जाए।

#वायरल_ऑडियो_ने_तहलका_मचाया! भरतपुर। राजस्थान सरकार के गृह राज्य मंत्री एवं नगर विधायक जवाहर सिंह बेढम को लेकर एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने राजनीतिक गलियारों में तहलका मचा दिया है। हांलाकि "भरतपुर अभी अभी" इस वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है, लेकिन बिजली कटौती की बातचीत के इस ऑडियो ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए है। इस कथित वायरल ऑडियो में बिजली विभाग के कर्मचारी और एक व्यक्ति के बीच बातचीत हो रही है, जिसमें कर्मचारी कह रहा है कि "मंत्री जी पीछे लग रहे हैं, उनका सख्त आदेश है कि हमारे नगर विधानसभा क्षेत्र की बिजली बंद नहीं होनी चाहिए, चाहे कैथवाड़ा (कामां विधानसभा) की बिजली कितनी भी काटो।" बातचीत के दौरान कर्मचारी कह रहा हैं कि मंत्री जी के दबाव के कारण सभी बेबस हैं। अगर मंत्री का आदेश नहीं माना तो सस्पेंड होना पड़ेगा, या फिर लंबा जाना पड़ेगा। इस कथित वायरल ऑडियो के सामने आने के बाद अब जनता द्वारा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से यह मांग की जा रही है कि इस ऑडियो की सत्यता की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि जांच में ऑडियो सही पाई जाती है, तो तुरंत सख्त एक्शन लिया जाए।

Bharatpur, Bharatpur | Jun 2, 2026