केराकत प्रार्थी ग्राम-अहन (कोनिया) गरीब महिला है। प्रार्थी अपने बाप-दादा के पुराने जर्जर मकान जो आवादी में बना है। उसका छत जर्जर हो चुका है। जिसकी मरम्मत प्रार्थिनी करा रही है, लेकिन गांव के दबंग व गोलबन्द पप्पू यादव उर्फ सत्येदव पुत्र जुलुम यादव, मनोज पुत्र कान्ता कान्ता पुत्र रामनरायण, सुदामा पुत्र शोभनाथ, नीरज पत्नी करिया, सत्यदेव पत्नी परमशीला एक राय होक