थालड़का के विनोद कुमार ने सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण पेश किया है। वे पिछले तीन साल से झुग्गी-झोपड़ी और ईंट भट्ठों पर निशुल्क पाठशाला चला रहे हैं, जिसमें अब तक 250 से अधिक बच्चे शिक्षा पा चुके हैं। इनमें से 40 बच्चों का सरकारी स्कूलों में दाखिला भी हो चुका है। उनकी पहल अब चार स्थानों तक पहुंच चुकी है, जिसे समाजसेवियों का सहयोग भी मिल रहा है। दीपावली पर भामा