बांसवाड़ा: कलेक्ट्रेट परिसर स्थित भवन को आठ साल पहले नकारा घोषित किया गया था, सैंकड़ों कर्मचारियों की सांस हरदम हलक में रहती है
राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि वह जिले की जर्जर भवनों का निरीक्षण कर रिपोर्ट भेजें, लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि जिसके कंधों पर यह जिम्मेदारी सौंपी है वह खुद ही हरदम डर के साएं में काम करते हैं। इसके अलावा पुलिस अधीक्षक, एसडीएम और जिला एवं सैशन न्यायाधीश सहित पांच से अधिक कर्मचारी भी डर के साएं में काम करते हैं।