गोरखपुर वैभव हत्याकांड: हर आंख नम, हर जुबान पर वैभव... गम व गुस्से में खजनी के लोग
गोरखपुर। खजनी में मासूम वैभव का शव बरामद होने की खबर फैलते ही पूरे कस्बे में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। बाजारों से लेकर गलियों तक हर ओर इसी घटना की चर्चा होती रही।
लोगों के चेहरों पर मासूम की मौत का गहरा दुख था, वहीं पड़ोसी पर हत्या का आरोप लगने से हर कोई स्तब्ध नजर आया।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग सराफा व्यापारी के घर पहुंच गए। परिवार को सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा। आसपास के लोगों का कहना था कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि जिस मोहल्ले को शांत और सुरक्षित माना जाता है, वहीं इतनी दर्दनाक वारदात हो सकती है।
इसके साथ ही कस्बे में दिनभर एक ही सवाल गूंजता रहा कि जिस व्यक्ति पर वर्षों से परिवार भरोसा करता था, उसी ने परिवार की खुशियां छीन लीं। साथ ही लोग आरोपित पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहते मिले कि आरोपित को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
एक महीने पहले मां गईं, अब वैभव भी चला गया
खजनी के सराफा कारोबारी लक्ष्मीनारायण वर्मा का परिवार अभी एक माह पहले बहू श्वेता वर्मा की मौत के सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि 10 वर्षीय वैभव की हत्या ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। मां को खोने के बाद घर का सबसे छोटा बेटा ही सबकी उम्मीद बना हुआ था, लेकिन उसकी मौत ने पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ दी।
घर में हर तरफ चीख-पुकार, सन्नाटा और अपनों के बिछड़ने का असहनीय दर्द पसरा है। हनुमान वर्मा बार-बार बेटे और पत्नी को याद कर रो रहे थे। प्रदर्शन के दौरान अपनी मांगों को रखने के दौरान भी वह राते हुए बोले एक महीने पहले उनकी पत्नी की मौत हो गई अब उनका छोटा बेटा चला गया।
साइबर एक्सपर्ट था आरोपित
पुलिस के अनुसार आरोपित सर्वेश साइबर एक्सपर्ट था। मासूम का अपहरण करने के बाद उसने फिरौती के लिए सराफा कारोबारी के मोबाइल फोन पर आनलाइन मैसेज भेजा था, जिसे देखने के बाद यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि कंप्यूटर का ज्ञान होने के साथ वह साइबर अपराध की जानकारी भी रखता था।
शादी और आनलाइन गेमिंग में बना कर्जदार
आरोपित सर्वेश पर करीब 38 लाख का कर्ज था। यह कर्ज उसने एक वर्ष पहले की शादी और आनलाइन गेमिंग में लिया। कर्ज का बोझ बढ़ने से वह परेशान था और जल्द से जल्द उसे चुकाना चाहता था, जिसके बाद उसने सराफा व्यापारी के बेटे के अपहरण की योजना बनाई थी और मैसेज किया था। लेकिन, शोर मचाने पर उसने मासूम की हत्या कर दी।
दोस्त ने मकान गिरवी रख दिया था कर्ज
सर्वेश ने अपनी शादी में दोस्त से भी करीब 11 लाख रुपये का कर्ज लिया था। इसके लिए उसके दोस्त ने अपने मकान को गिरवी रखकर पहले खुद कर्ज लिया और फिर आरोपत को दिया था। मासूम हत्याकांड में पुलिस ने आरोपित के दोस्त को भी हिरासत में लिया है। हालांकि पूछताछ में मासूम हत्याकांड में दोस्त के शामिल नहीं होने पर पुलिस उसे छोड़ने की तैयारी में है।
दरवाजे पर बंधे पशुओं को भेजा गया गौशाला
डीएम और एसएसपी द्वारा कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद तहसीलदार और प्रभारी निरीक्षक गीडा अश्वनी पांडेय और थानाध्यक्ष बांसगांव आरोपित के घर पहुंचे। आरोपित के घर ताला लगाकर उसे सील किया गया। इसके बाद दरवाजे पर बंधे चार पशुओं को गौशाला केंद्र भिजवाया गया।
जाम से परेशान रहे यात्री
मासूम की हत्या से नाराज परिजनों और व्यापारियों द्वारा जाम लगाने से तीनों मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। इस दौरान वाहनों से उतरकर यात्री पैदल अपने-अपने गंतव्य को निकले। किसी ने सामान को माथे पर रखा और बच्चों को गोंद में लेकर जा रहे थे तो कोई प्रदर्शन का हिस्सा बनने और घटनाक्रम को जानने के लिए भीड़ में शामिल होते गए।
युवाओं में दिखा आक्रोश
मासूम हत्याकांड का सबसे अधिक आक्रोश युवओं में दिखा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजन और व्यापारी वहां से चले गए। लेकिन, युवा वहां मौजूद रहे और आरोपित के मकान पर तत्काल बुलडोजर चलाने की मांग करते रहे। हालांकि भारी संख्या में मौजूद पुलिसकर्मियों को देख कुछ देर बाद युवा वहां से हट गए। इसके बाद पुलिस ने यातायात बहाल कराया।
भीड़ को नियंत्रित करने में विफल रही पुलिस
मासूम के लापता होने के बाद खजनी थाना पुलिस लगी टीमे सोमवार दोपहर तीन बजे से चल रही थी। शाम को आरोपित के पकड़े जाने के बाद उसके घर की सुरक्षा से लेकर पूछताछ के क्रम में लगी रही। इसी बीच सुबह हत्यारे के स्वीकार करने के बाद जब परिजनों को पता चला तो उनका आक्रोश फूट पड़ा।
इसके बाद वह कस्बे के व्यापारियों के साथ सड़क पर उतर गए। इधर, थकी हारी पुलिस को इसका अंदाजा नहीं था और भीड़ सड़क पर प्रदर्शन करते हुए थाने की तरफ बढ़ी तो अधिकारियों ने कई थानों की पुलिस और पीएसी को बुलाया। तब जाकर भिड़ और आक्रोश को नियंत्रित किया जा सका। इसके बद भी महिलाएं थाने के अंदर तक पहुंच गई।
आरोपित को रात में ही हटा दिया गया
मासूम की हत्या में गिरफ्तार किए गए आरोपित को पहले खजनी थाने लाया गया। यहां पूछताछ के दौरान मासूम के परिजन और रिश्तेदार भी मौजूद रहे। उनका गुस्सा देख और आरोपित द्वारा घटना के संबंध में कोई जानकारी नहीं देने पर पुलिस अनहोनी की आशंका में आरोपित को खजनी थाने से हटा दी थी। जिसके कारण जब महिलाएं थाने पहुंचकर बंदीगृह का दरवाजा खोलने की कोशिश की तो आरोपित वहां नहीं मिला।
Hardoi, Hardoi | Jul 29, 2026