भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए केंद्र सरकार का बजट 2026-27 एक क्रांतिकारी मोड़ साबित हो सकता है। सरकार ने इस क्षेत्र को मज़बूत बनाने के लिए तीन स्तंभों — भागीदारी पूंजी (इक्विटी), तरलता (लिक्विडिटी) और व्यावसायिक सहयोग (प्रोफेशनल सपोर्ट) — पर आधारित रणनीति लागू की है।