आज 18 अक्टूबर शाम 6 बजे उन्होंने कहा कि गरीब व्यापारियों दीये , मिट्टी के खिलौने साज सजावट की सामग्री धानी फूटाने बेचकर दीपावली मनाने के लिए अपना खर्च की व्यवस्था करते हैं लेकिन उनसे ₹1000 तक वसूला जा रहा है। इसी प्रकार हजारों रुपए लेकर पटाखे की दुकान लगवाई गई है लेकिन अचानक बारिश आने के कारण पूरा पटाखा बाजार अवस्थित हो गया है।