शाहपुरा: कचरे में पलता बचपन, जीव दया समिति ने घुमंतू परिवारों के पुनर्वास की मांग की
शहर में कचरा स्थलों पर कई घुमंतू परिवारों की महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ कचरा बीनकर जीवन यापन कर रही हैं। गंदगी, बदबू और संक्रमण के बीच ये परिवार प्लास्टिक, लोहा और अन्य कबाड़ इकट्ठा कर दो वक्त की रोटी का इंतजाम करते हैं। जीव दया सेवा समिति के संयोजक अतू खां कायमखानी ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए प्रशासन से ऐसे परिवारों का सर्वे करा पुनर्वास की मांग की