सोशल मीडिया पर बिना किसी ठोस सबूत के किसी की छवि खराब करना आज एक फैशन बन चुका है, लेकिन जब कानून और सच्चाई का डंडा चलता है, तो माफीनामे ही काम आते हैं।
ऐसा ही एक मामला गोपालगंज जिला प्रशासन से जुड़ा सामने आया है। Prîñçé Barnwal नाम के एक यूजर ने उचकागांव प्रखंड के सीओ (अंचल अधिकारी) विकेश कुमार के खिलाफ बिना जांच-पड़ताल किए भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए थे।
जब सच्चाई सामने आई और कानूनी शिकंजा कसा, तो वही यूजर पूरी तरह बैकफुट पर आ गया। अब बकायदा फेसबुक पर रंगीन बैकग्राउंड में लिखकर माफी मांगी गई है कि:
"हमने आक्रोश में आकर उचकागांव सीओ विकेश कुमार के खिलाफ जो भ्रामक और असत्य संवाद लिखा था, वह पूर्णतः गलत है। सरकारी अधिकारी पर बिना ठोस के आरोप लगाना गलत था। मैं इस गलती के लिए माफ़ी मांगता हूँ।"
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उंगली उठाना बहुत आसान है, लेकिन याद रखिए कि हर झूठी अफवाह का अंत ऐसे ही शर्मनाक माफीनामे के साथ होता है। किसी भी सरकारी अधिकारी या व्यक्ति पर कीचड़ उछालने से पहले तथ्यों की जांच जरूर करें। सोशल मीडिया को अपनी भड़ास निकालने का जरिया न बनाएं, ज़िम्मेदार नागरिक बनें!