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पार्लियामेंट स्ट्रीट: सीएनजी में फिर ₹1 की वृद्धि, वाहन चालकों ने बताई अपनी परेशानी

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LIVE: नगर परिषद पांवटा की कार्रवाई: बाजार से हटाई जा रही अवैध रेहड़ी-फड़ी....

@topfans सबसे तेज खबर #HimachalNews #himachalpradesh #सबसेतेजखबर #PostViral #बीजेपी #नगरपरिषद

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Parliament Street, New Delhi | Jun 10, 2026

चैंबर ऑफ कॉमर्स गोंदपुर में विशेष बैठक का आयोजन: अखिल भारतीय संगठन मंत्री (लघु उद्योग भारती) प्रकाश चंद की उपस्थिति में पांवटा साहिब में लघु उद्योग भारती इकाई की स्थापना...

चैंबर ऑफ कॉमर्स गोंदपुर में विशेष बैठक का आयोजन: अखिल भारतीय संगठन मंत्री (लघु उद्योग भारती) प्रकाश चंद की उपस्थिति में पांवटा साहिब में लघु उद्योग भारती इकाई की स्थापना...

Parliament Street, New Delhi | Jun 10, 2026

बागपत डबल मर्डर: 10 साल पुरानी रंजिश में पिता-पुत्र की गोलियों से हत्या, आरोपी वरुण लुहारी की भी मौत #viralvideo #uppolice 

उत्तर प्रदेश: बागपत के बड़ौत में मंगलवार शाम को लगभग पौने छह बजे टेंट व्यापारी सोहनलाल (60) और उनके इकलौते बेटे विकास (28) की दुकान में घुसकर गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। गोली लगने से बाइक सवार राहगीर रोहित निवासी पट्टी चौधरान भी घायल है। हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी ने 10 साल पहले हुई अपने भाई कपिल की हत्या की रंजिश में अपने साथियों के साथ वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान आसपास के लोगों ने वरुण लुहारी को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। मेरठ मेडिकल कॉलेज ले जाते हुए वरुण ने भी दम तोड़ दिया।

बागपत डबल मर्डर: 10 साल पुरानी रंजिश में पिता-पुत्र की गोलियों से हत्या, आरोपी वरुण लुहारी की भी मौत #viralvideo #uppolice उत्तर प्रदेश: बागपत के बड़ौत में मंगलवार शाम को लगभग पौने छह बजे टेंट व्यापारी सोहनलाल (60) और उनके इकलौते बेटे विकास (28) की दुकान में घुसकर गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। गोली लगने से बाइक सवार राहगीर रोहित निवासी पट्टी चौधरान भी घायल है। हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी ने 10 साल पहले हुई अपने भाई कपिल की हत्या की रंजिश में अपने साथियों के साथ वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान आसपास के लोगों ने वरुण लुहारी को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। मेरठ मेडिकल कॉलेज ले जाते हुए वरुण ने भी दम तोड़ दिया।

Parliament Street, New Delhi | Jun 10, 2026

हिमाचल में बड़ा हादसा टला: फोटो खिंचवाते समय नदी में बहे पंजाब के तीन पर्यटक, स्थानीय लोगों ने बचाई जान #वायरल #वीडियो #न्यूज़

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की पार्वती घाटी स्थित श्री मणिकर्ण साहिब गुरुद्वारा घूमने आए पंजाब के एक परिवार के तीन सदस्य नदी के तेज बहाव में बह गए। बताया जा रहा है कि परिवार के लोग नदी किनारे फोटो खिंचवा रहे थे, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से वे तेज धारा की चपेट में आ गए।

पहाड़ों में नदियां भले कम गहरी दिखाई देती हों, लेकिन उनका बहाव बेहद तेज होता है। वीडियो में दिख रहे लोग पंजाब के पर्यटक बताए जा रहे हैं, जो घूमने के दौरान हादसे का शिकार हो गए।

गनीमत रही कि मौके पर स्थानीय लोग मौजूद थे। उन्होंने तुरंत साहस दिखाते हुए राहत कार्य शुरू किया और तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते मदद मिलने से बड़ा हादसा टल गया।

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि नदी-नालों और तेज बहाव वाले इलाकों के पास फोटो या वीडियो बनाते समय विशेष सावधानी बरतें।

हिमाचल में बड़ा हादसा टला: फोटो खिंचवाते समय नदी में बहे पंजाब के तीन पर्यटक, स्थानीय लोगों ने बचाई जान #वायरल #वीडियो #न्यूज़ हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की पार्वती घाटी स्थित श्री मणिकर्ण साहिब गुरुद्वारा घूमने आए पंजाब के एक परिवार के तीन सदस्य नदी के तेज बहाव में बह गए। बताया जा रहा है कि परिवार के लोग नदी किनारे फोटो खिंचवा रहे थे, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से वे तेज धारा की चपेट में आ गए। पहाड़ों में नदियां भले कम गहरी दिखाई देती हों, लेकिन उनका बहाव बेहद तेज होता है। वीडियो में दिख रहे लोग पंजाब के पर्यटक बताए जा रहे हैं, जो घूमने के दौरान हादसे का शिकार हो गए। गनीमत रही कि मौके पर स्थानीय लोग मौजूद थे। उन्होंने तुरंत साहस दिखाते हुए राहत कार्य शुरू किया और तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते मदद मिलने से बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि नदी-नालों और तेज बहाव वाले इलाकों के पास फोटो या वीडियो बनाते समय विशेष सावधानी बरतें।

Parliament Street, New Delhi | Jun 10, 2026

स्थानीय लोगों के पेट पर लात क्यों?
धारी देवी के समीप स्थित चर्चित पर्यटन स्थल "मिनी गोवा" इन दिनों बड़ी संख्या में पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। नदी के किनारे का प्राकृतिक सौंदर्य और रोमांचक वातावरण लोगों को यहां खींच लाता है। लेकिन हर बार जब पर्यटकों की आवाजाही बढ़ती है, प्रशासन सुरक्षा का हवाला देकर लोगों को वहां से हटाने में जुट जाता है।
निस्संदेह, किसी भी प्रशासन की पहली जिम्मेदारी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यदि किसी स्थान पर वास्तविक खतरा है तो आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। लेकिन सवाल यह है कि यदि यह स्थान इतना ही असुरक्षित है तो फिर इसके लिए स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाला जा रहा? केवल पर्यटकों को खदेड़ देना क्या समस्या का समाधान है?
मिनी गोवा के आसपास दर्जनों स्थानीय परिवारों ने अपनी आजीविका के लिए छोटी-छोटी दुकानें, खाद्य स्टॉल और अन्य व्यवसाय शुरू किए हैं। पर्यटन बढ़ने से इन लोगों की आय में वृद्धि हुई और क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा हुए। लेकिन जब प्रशासन अचानक पर्यटकों को वहां जाने से रोक देता है तो सबसे बड़ा नुकसान इन्हीं स्थानीय लोगों को उठाना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन के पास केवल प्रतिबंध लगाने का विकल्प दिखाई देता है, जबकि सुरक्षा के लिए चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग, लाइफ जैकेट, प्रशिक्षित बचाव दल और निगरानी व्यवस्था जैसी सुविधाएं विकसित करने की दिशा में गंभीर प्रयास नहीं किए जाते। यदि व्यवस्थाएं विकसित की जाएं तो सुरक्षा भी बनी रह सकती है और स्थानीय लोगों का रोजगार भी प्रभावित नहीं होगा।
दरअसल, पहाड़ों में रोजगार के अवसर पहले ही सीमित हैं। ऐसे में पर्यटन ही स्थानीय अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी उम्मीद बनकर उभरा है। यदि प्रशासन बार-बार सुरक्षा का हवाला देकर पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाता है, तो उसे यह भी बताना होगा कि स्थानीय लोगों के रोजगार और आजीविका की भरपाई कैसे होगी।
जरूरत इस बात की है कि प्रशासन केवल रोक लगाने की नीति से बाहर निकले और सुरक्षा तथा रोजगार के बीच संतुलन स्थापित करे। आखिर विकास का उद्देश्य लोगों की जिंदगी बेहतर बनाना है, न कि उनके पेट पर लात मारना। मिनी गोवा के मामले में भी स्थायी और व्यावहारिक समाधान निकालने का समय आ गया है।

स्थानीय लोगों के पेट पर लात क्यों? धारी देवी के समीप स्थित चर्चित पर्यटन स्थल "मिनी गोवा" इन दिनों बड़ी संख्या में पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। नदी के किनारे का प्राकृतिक सौंदर्य और रोमांचक वातावरण लोगों को यहां खींच लाता है। लेकिन हर बार जब पर्यटकों की आवाजाही बढ़ती है, प्रशासन सुरक्षा का हवाला देकर लोगों को वहां से हटाने में जुट जाता है। निस्संदेह, किसी भी प्रशासन की पहली जिम्मेदारी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यदि किसी स्थान पर वास्तविक खतरा है तो आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। लेकिन सवाल यह है कि यदि यह स्थान इतना ही असुरक्षित है तो फिर इसके लिए स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाला जा रहा? केवल पर्यटकों को खदेड़ देना क्या समस्या का समाधान है? मिनी गोवा के आसपास दर्जनों स्थानीय परिवारों ने अपनी आजीविका के लिए छोटी-छोटी दुकानें, खाद्य स्टॉल और अन्य व्यवसाय शुरू किए हैं। पर्यटन बढ़ने से इन लोगों की आय में वृद्धि हुई और क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा हुए। लेकिन जब प्रशासन अचानक पर्यटकों को वहां जाने से रोक देता है तो सबसे बड़ा नुकसान इन्हीं स्थानीय लोगों को उठाना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन के पास केवल प्रतिबंध लगाने का विकल्प दिखाई देता है, जबकि सुरक्षा के लिए चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग, लाइफ जैकेट, प्रशिक्षित बचाव दल और निगरानी व्यवस्था जैसी सुविधाएं विकसित करने की दिशा में गंभीर प्रयास नहीं किए जाते। यदि व्यवस्थाएं विकसित की जाएं तो सुरक्षा भी बनी रह सकती है और स्थानीय लोगों का रोजगार भी प्रभावित नहीं होगा। दरअसल, पहाड़ों में रोजगार के अवसर पहले ही सीमित हैं। ऐसे में पर्यटन ही स्थानीय अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी उम्मीद बनकर उभरा है। यदि प्रशासन बार-बार सुरक्षा का हवाला देकर पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाता है, तो उसे यह भी बताना होगा कि स्थानीय लोगों के रोजगार और आजीविका की भरपाई कैसे होगी। जरूरत इस बात की है कि प्रशासन केवल रोक लगाने की नीति से बाहर निकले और सुरक्षा तथा रोजगार के बीच संतुलन स्थापित करे। आखिर विकास का उद्देश्य लोगों की जिंदगी बेहतर बनाना है, न कि उनके पेट पर लात मारना। मिनी गोवा के मामले में भी स्थायी और व्यावहारिक समाधान निकालने का समय आ गया है।

Parliament Street, New Delhi | Jun 9, 2026