सबौर: गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र और संपूर्ण क्रांति आंदोलनकारी मंच भागलपुर द्वारा आपातकाल दिवस पर सेमिनार का आयोजन
संवैधानिक अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए वर्ष 1975 में व्यापक आंदोलन किया गया था महंगाई बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर केंद्रित आंदोलन चरम पर था तत्कालीन सरकार यह अनुभव कर रही थी कि देश में चुनाव होगा तो उसकी पराजय निश्चित है इसलिए नागरिकों के मौलिक अधिकारों को निलंबित करते हुए प्रेस की स्वतंत्रता पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर अपनीसत्ता कायम