मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत कांग्रेस ने मोदी सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं ने प्रेस वार्ता कर चार प्रमुख मांगें रखीं— काम का अधिकार, बदलावों की वापसी, संवैधानिक अधिकारों की बहाली और ₹400 प्रतिदिन मजदूरी। कांग्रेस का कहना है कि नाम बदलने से नहीं, बल्कि मजदूरों को उनका हक देने से मनरेगा मजबूत होगी।