एमपी हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दुष्कर्म पीड़ित गर्भवती नाबालिग को बच्चे को जन्म देने की इजाजत दे दी है। पीड़िता और उसके माता-पिता ने गर्भपात कराने से मना कर दिया था। कोर्ट ने मामले में मानवीय संवेदनाओं को सर्वोपरि रखते हुए आदेश दिया कि जन्म लेने वाले बच्चे की शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण का पूरा खर्च 16 साल की उम्र तक सरकार वहन करेगी।