मनोज चार्ली ने बताया कि वे करीब 40 वर्षों से इस स्थान पर आ रहे हैं. उनका कहना है कि झीरे के भीतर गौ माता के थन जैसी आकृति बनी हुई है, जिनसे पूरे साल लगातार पानी निकलता रहता है. यही कारण है कि यह कुंड कभी सूखता नहीं है. झीरे के पास नीलकंठेश्वर महादेव विराजमान हैं, जबकि चट्टानों पर शेषनाग की आकृति भी दिखाई देती है.