नैनागिरि में 21 दिवसीय प्राकृत भाषा अध्ययन कार्यशाला का समापन बकस्वाहा के नैनागिरि जैन तीर्थ में आयोजित 21 दिवसीय प्राकृत भाषा अध्ययन कार्यशाला का गरिमामय समापन समारोह संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. रमाकांत पांडे ने प्राकृत भाषा को भारतीय ज्ञान परंपरा की मूल संवाहक बताते हुए कहा कि जैन आगम, दर्शन और साहित्य को समझने में इसका विशेष महत्व है। कार्यशाल