राज्य पेंशनर महासंघ ने अपनी लंबित मांगों—संशोधित वेतनमान, पेंशन एरियर, ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन, लीव इनकैशमेंट व लंबित डीए किस्तों—को लेकर 28 नवंबर को तपोवन में विधानसभा घेराव करने का निर्णय लिया। मंगलवार 1 बजे हुई जिला कांगड़ा कार्यकारिणी बैठक में आंदोलन की रणनीति बनाई गई। महासंघ ने सरकार पर पेंशनरों की उपेक्षा और 4% की जगह 3% डीए देने का आरोप लगाया।