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"धर्मस्थलों के साये में शराब माफिया का साम्राज्य!" सागर शहर के काकागंज वार्ड, माता माड़िया मंदिर और हनुमान मंदिर के आसपास खुलेआम अवैध शराब की बिक्री होने की खबरें सामने आ रही हैं। सवाल यह है कि आखिर धार्मिक आस्था के केंद्रों के आसपास शराब माफियाओं के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए?

Sagar Nagar, Sagar | Jun 18, 2026

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➡️ भारत निर्वाचन आयोग से निर्वाचन प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान पर डॉ. वाई. पी. सिंह सम्मानित

श्री ज्ञानेश कुमार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त, डॉ विवेक जोशी, निर्वाचन आयुक्त द्वारा भारत निर्वाचन आयोग के अधीन कार्यरत भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्थान (IIIDEM), नई दिल्ली के 15वें स्थापना दिवस के अवसर पर सागर के सहोद्रा राय शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वाई. पी. सिंह को निर्वाचन प्रबंधन एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
 
डॉ. सिंह वर्तमान में निर्वाचन आयोग–IIIDEM के कोर एक्सपर्ट के रूप में कार्य कर रहे हैं तथा "नामांकन प्रक्रिया" विषय समूह का दायित्व संभाल रहे हैं। वे वर्ष 2016 से निर्वाचन आयोग एवं IIIDEM के साथ राष्ट्रीय स्तरीय मास्टर प्रशिक्षक (NLMT) के रूप में जुड़े हुए हैं और देशभर में निर्वाचन अधिकारियों के प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि IIIDEM की स्थापना लोकतंत्र और निर्वाचन प्रबंधन के क्षेत्र में एक वैश्विक संसाधन केंद्र के रूप में की गई है। संस्थान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक, अनुसंधान, प्रशिक्षण तथा क्षमता निर्माण कार्यक्रम संचालित करता है। कोर एक्सपर्ट के रूप में डॉ. सिंह निर्वाचन विषयों एवं उप-विषयों का निर्धारण, IIIDEM की प्रशिक्षण पद्धति के अनुरूप प्रशिक्षण सामग्री का अद्यतन, ई-लर्निंग पाठ्यक्रमों का विकास, ऑडियो-वीडियो प्रशिक्षण सामग्री की स्क्रिप्ट तैयार करना तथा निर्वाचन संबंधी श्रेष्ठ प्रथाओं एवं केस स्टडी का संकलन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में योगदान दे रहे हैं।

इसके अतिरिक्त, उन्हें IIIDEM की अकादमिक समिति की बैठकों में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में भी आमंत्रित किया जाता है। यह समिति संस्थान के अंतर्गत संचालित विभिन्न शैक्षणिक, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण गतिविधियों को दिशा प्रदान करने के साथ उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने का कार्य करती है। निर्वाचन प्रबंधन के क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता और अनुभव का लाभ देशभर के निर्वाचन अधिकारियों एवं प्रशिक्षकों को मिल रहा है।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

➡️ भारत निर्वाचन आयोग से निर्वाचन प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान पर डॉ. वाई. पी. सिंह सम्मानित श्री ज्ञानेश कुमार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त, डॉ विवेक जोशी, निर्वाचन आयुक्त द्वारा भारत निर्वाचन आयोग के अधीन कार्यरत भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्थान (IIIDEM), नई दिल्ली के 15वें स्थापना दिवस के अवसर पर सागर के सहोद्रा राय शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वाई. पी. सिंह को निर्वाचन प्रबंधन एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। डॉ. सिंह वर्तमान में निर्वाचन आयोग–IIIDEM के कोर एक्सपर्ट के रूप में कार्य कर रहे हैं तथा "नामांकन प्रक्रिया" विषय समूह का दायित्व संभाल रहे हैं। वे वर्ष 2016 से निर्वाचन आयोग एवं IIIDEM के साथ राष्ट्रीय स्तरीय मास्टर प्रशिक्षक (NLMT) के रूप में जुड़े हुए हैं और देशभर में निर्वाचन अधिकारियों के प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि IIIDEM की स्थापना लोकतंत्र और निर्वाचन प्रबंधन के क्षेत्र में एक वैश्विक संसाधन केंद्र के रूप में की गई है। संस्थान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक, अनुसंधान, प्रशिक्षण तथा क्षमता निर्माण कार्यक्रम संचालित करता है। कोर एक्सपर्ट के रूप में डॉ. सिंह निर्वाचन विषयों एवं उप-विषयों का निर्धारण, IIIDEM की प्रशिक्षण पद्धति के अनुरूप प्रशिक्षण सामग्री का अद्यतन, ई-लर्निंग पाठ्यक्रमों का विकास, ऑडियो-वीडियो प्रशिक्षण सामग्री की स्क्रिप्ट तैयार करना तथा निर्वाचन संबंधी श्रेष्ठ प्रथाओं एवं केस स्टडी का संकलन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में योगदान दे रहे हैं। इसके अतिरिक्त, उन्हें IIIDEM की अकादमिक समिति की बैठकों में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में भी आमंत्रित किया जाता है। यह समिति संस्थान के अंतर्गत संचालित विभिन्न शैक्षणिक, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण गतिविधियों को दिशा प्रदान करने के साथ उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने का कार्य करती है। निर्वाचन प्रबंधन के क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता और अनुभव का लाभ देशभर के निर्वाचन अधिकारियों एवं प्रशिक्षकों को मिल रहा है। CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

Sagar, Madhya Pradesh | Jun 17, 2026

➡️ वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप ने मातृभूमि और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया - मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत

सुरखी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सीहोरा में वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा का लोकार्पण मध्यप्रदेश शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरासिंह राजपूत सहित क्षत्रिय समाज के सम्मेलन में जिलेभर से बड़ी संख्या में समाजजन, जनप्रतिनिधि, युवा एवं वरिष्ठ नागरिक शामिल हुए।

इस अवसर पर मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के ऐसे महानायक हैं, जिन्होंने मातृभूमि और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संघर्ष का मार्ग अपनाया, किंतु कभी पराधीनता स्वीकार नहीं की। उनका जीवन आज भी राष्ट्रभक्ति, साहस और आत्मसम्मान की प्रेरणा देता है।

मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि सीहोरा में स्थापित यह भव्य प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्थल सिद्ध होगी। यह प्रतिमा युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों का बोध कराएगी तथा समाज को एकता और समरसता के सूत्र में बांधने का कार्य करेगी। इस अवसर पर उन्होंने सीहोरा में 25 लाख रुपये की लागत से मंगल भवन निर्माण की घोषणा भी की।
 
उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन संदेश देता है कि सम्मान और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए हर परिस्थिति में संघर्ष करना चाहिए। आज आवश्यकता इस बात की है कि नई पीढ़ी महापुरुषों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण एवं जनसेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाए। कार्यक्रम में समाज की गौरवशाली परंपराओं, शौर्य एवं राष्ट्र निर्माण में क्षत्रिय समाज के योगदान को भी स्मरण किया गया। वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने तथा समाज में एकता एवं सद्भाव को सुदृढ़ करने का आह्वान किया।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

➡️ वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप ने मातृभूमि और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया - मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत सुरखी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सीहोरा में वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा का लोकार्पण मध्यप्रदेश शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरासिंह राजपूत सहित क्षत्रिय समाज के सम्मेलन में जिलेभर से बड़ी संख्या में समाजजन, जनप्रतिनिधि, युवा एवं वरिष्ठ नागरिक शामिल हुए। इस अवसर पर मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के ऐसे महानायक हैं, जिन्होंने मातृभूमि और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संघर्ष का मार्ग अपनाया, किंतु कभी पराधीनता स्वीकार नहीं की। उनका जीवन आज भी राष्ट्रभक्ति, साहस और आत्मसम्मान की प्रेरणा देता है। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि सीहोरा में स्थापित यह भव्य प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्थल सिद्ध होगी। यह प्रतिमा युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों का बोध कराएगी तथा समाज को एकता और समरसता के सूत्र में बांधने का कार्य करेगी। इस अवसर पर उन्होंने सीहोरा में 25 लाख रुपये की लागत से मंगल भवन निर्माण की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन संदेश देता है कि सम्मान और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए हर परिस्थिति में संघर्ष करना चाहिए। आज आवश्यकता इस बात की है कि नई पीढ़ी महापुरुषों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण एवं जनसेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाए। कार्यक्रम में समाज की गौरवशाली परंपराओं, शौर्य एवं राष्ट्र निर्माण में क्षत्रिय समाज के योगदान को भी स्मरण किया गया। वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने तथा समाज में एकता एवं सद्भाव को सुदृढ़ करने का आह्वान किया। CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

Sagar, Madhya Pradesh | Jun 17, 2026

➡️ भिलैया में पौधारोपण प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित

 वन परिक्षेत्र सागर अंतर्गत बीट भिलैया में 17 जून 2026 को पौधारोपण प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वनमण्डल अधिकारी दक्षिण सागर श्री वरुण यादव (भा.व.से.) एवं उपवनमण्डल अधिकारी दक्षिण सागर श्रीमती विनीता जाटव ने पौधारोपण संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया।

प्रशिक्षण के दौरान श्री यादव ने वृक्षारोपण के समय बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी तथा स्थानीय समिति सदस्यों एवं ग्रामीणों से अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वन विभाग वृक्षारोपण गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने बताया कि वन विभाग द्वारा आंवला, हर्रा, बहेड़ा, बेल सहित अन्य फलदार एवं उपयोगी प्रजातियों के पौधे रोपित किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में ग्रामीणों की आय बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी सागर श्री लखन सिंह ठाकुर सहित सागर, ढाना एवं गढ़ाकोटा का वन अमला उपस्थित रहा। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों में ग्राम गुरैया के सरपंच श्री अजब सिंह राजपूत तथा ग्राम बिहारीखेड़ा के सरपंच श्री दयाराम कुर्मी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

➡️ भिलैया में पौधारोपण प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित वन परिक्षेत्र सागर अंतर्गत बीट भिलैया में 17 जून 2026 को पौधारोपण प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वनमण्डल अधिकारी दक्षिण सागर श्री वरुण यादव (भा.व.से.) एवं उपवनमण्डल अधिकारी दक्षिण सागर श्रीमती विनीता जाटव ने पौधारोपण संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण के दौरान श्री यादव ने वृक्षारोपण के समय बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी तथा स्थानीय समिति सदस्यों एवं ग्रामीणों से अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वन विभाग वृक्षारोपण गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने बताया कि वन विभाग द्वारा आंवला, हर्रा, बहेड़ा, बेल सहित अन्य फलदार एवं उपयोगी प्रजातियों के पौधे रोपित किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में ग्रामीणों की आय बढ़ाने में सहायता मिलेगी। कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी सागर श्री लखन सिंह ठाकुर सहित सागर, ढाना एवं गढ़ाकोटा का वन अमला उपस्थित रहा। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों में ग्राम गुरैया के सरपंच श्री अजब सिंह राजपूत तथा ग्राम बिहारीखेड़ा के सरपंच श्री दयाराम कुर्मी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

Sagar, Madhya Pradesh | Jun 17, 2026

➡️ इंडो-जर्मन कार्यशाला खुरई का द्वितीय दिवस सम्पन्न, प्राकृतिक खेती फसल अवशेष प्रबंधन एवं जलवायु अनुकूल कृषि पर हुआ मंथन

दिनांक 16 से 18 जून तक खुरई में आयोजित इंडो-जर्मन कार्यशाला का द्वितीय दिवस सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। 
कार्यक्रम का शुभारंभ जर्मनी से आए GIZ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मिस्टर हेन्स क्लेन द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. के.एन. अग्रवाल (ICAR-CIAE) ने पराली प्रबंधन एवं आधुनिक कृषि मशीनरी के उपयोग पर विस्तृत जानकारी दी। वहीं कमलेश मगरधे ने “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट” योजना तथा कृषि यंत्रों के एक्सपोर्ट मॉडिफिकेशन के संबंध में जानकारी साझा की।
डॉ. जितेंद्र कुमार, कृषि वैज्ञानिक भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान भोपाल ने मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने एवं संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। अनुविभागीय कृषि अधिकारी जय दत्त शर्मा ने उपसंचालक कृषि के मार्गदर्शन में जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु विकसित किए गए क्लस्टरों की जानकारी व विभागीय गतिविधियों पर प्रकाश डाला।विजय इंडस्ट्री से  विजय जैन जी ने खुरई क्षेत्र के कृषि यंत्रीकरण की भूमिका पर चर्चा की । 
फसल अवशेष के प्रबंध सत्र में श्री कुलवीर सिंह बरार (टाटा ट्रस्ट) ने नरवाई प्रबंधन एवं फसल अवशेषों के वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी दी ।डॉ. जितेंद्र कुमार (IISC), श्री राकेश गुप्ता (TNC), श्री कुलवीर सिंह बरार (टाटा ट्रस्ट)  ने अपने विचार साझा किए।कृषि अभियांत्रिकी विभाग से अल्बर्ट कुजूर ने विभागीय योजनाओं के अनुदान व यंत्रों की उपयोगिता पर बारीकी से जानकारी दी ।डॉ. संतोष सहाने ने बायो रिसोर्स सेंटर के माध्यम से ईंधन एवं जैविक उर्वरकों के वैकल्पिक स्रोतों पर जानकारी प्रदान की। TNC  से रवि गुप्ता, दयोदय के सीईओ अक्षय जैन , डॉ मनीष जैन आदि भी अतिथि वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
 *प्राकृतिक कृषि में कीट प्रबंधन*
कनाडा से पधारे अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ मिस्टर जुलियस  मेलार्ड ने  प्राकृतिक खेती में मित्र एवं शत्रु कीटों की पहचान तथा उनके प्रबंधन की महत्वपूर्ण जानकारी दी। कई देशों के अनुसंधान के आधार पर अति महत्वपूर्ण जानकारियों से किसानों को अवगत कराया।
 कार्यशाला के फसल अवशेष प्रबंधन सत्र में कार्यक्रम में डॉ. के.एन. अग्रवाल (ICAR-CIAE, भोपाल) ने पराली एवं नरवाई प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों पर प्रकाश डाला। कमलेश मगरधे (जिला उद्योग केंद्र, सागर) ने बताया कि नरवाई प्रबंधन में उपयोग होने वाले कृषि यंत्रों में आवश्यक संशोधन (मॉडिफिकेशन) कर उन्हें अधिक उपयोगी बनाया जा सकता है तथा इन यंत्रों के निर्माण और विपणन में भी व्यापक संभावनाएं हैं।
डॉ. जितेंद्र सिंह  (वरिष्ठ वैज्ञानिक, ICAR-CIAE) ने कहा कि कृषि यंत्रीकरण तेजी से बढ़ रहा है और किसानों द्वारा आधुनिक कृषि उपकरणों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है, जिससे खेती अधिक लाभकारी एवं प्रभावी बन रही है।
विशेषज्ञों ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इसके स्थान पर जैविक एवं प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देकर किसानों की लागत कम की जा सकती है तथा मिट्टी की उर्वरता को लंबे समय तक बनाए रखा जा सकता है।

विशेषज्ञों ने बताया कि कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता देना आवश्यक है। कृषि अवशेषों को जलाने के बजाय उनके वैज्ञानिक प्रबंधन एवं उपयोग से किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त हो सकती है तथा प्रदूषण में भी कमी लाई जा सकती है।

कृषि विज्ञान केंद्र, सागर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. आशीष त्रिपाठी ने लाइट ट्रैप एवं फेरोमोन ट्रैप के माध्यम से कीट प्रबंधन की आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया।
*कृषि पारिस्थितिकी यंत्रीकरण*
अंतिम सत्र में कैमरून से पधारीं मिस मिलियन लाटा  ने कृषि पारिस्थितिकी या यंत्रीकरण विषय पर प्रस्तुतिकरण दिया। कृषि पारिस्थितिकी यंत्रीकरण में
मिट्टी के स्वास्थ्य, जैव विविधता और जल संरक्षण को नुकसान पहुँचाए बिना उत्पादकता बढ़ाना और मानव श्रम को कम करने जैसे विषयों पर चर्चा की।

कार्यशाला के प्रत्येक सत्र में अतिथि विद्वानों ने प्रस्तुतिकरण दिया चर्चा की और इसके बाद उपस्थित किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।कृषि वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों ने आधुनिक तकनीकों, प्राकृतिक खेती और फसल अवशेष प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। पर्यावरण अनुकूल कृषि तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। कार्यशाला में GIZ टीम सहित बड़ी संख्या में जिले के विभिन्न विकासखंड से आए प्राकृतिक खेती करने वाले किसान, कृषि विभाग का समस्त स्टाफ,कृषक उत्पादक समूह, प्रगतिशील कृषक, कृषि यंत्र निर्माता सम्मिलित हुए।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

➡️ इंडो-जर्मन कार्यशाला खुरई का द्वितीय दिवस सम्पन्न, प्राकृतिक खेती फसल अवशेष प्रबंधन एवं जलवायु अनुकूल कृषि पर हुआ मंथन दिनांक 16 से 18 जून तक खुरई में आयोजित इंडो-जर्मन कार्यशाला का द्वितीय दिवस सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ जर्मनी से आए GIZ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मिस्टर हेन्स क्लेन द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. के.एन. अग्रवाल (ICAR-CIAE) ने पराली प्रबंधन एवं आधुनिक कृषि मशीनरी के उपयोग पर विस्तृत जानकारी दी। वहीं कमलेश मगरधे ने “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट” योजना तथा कृषि यंत्रों के एक्सपोर्ट मॉडिफिकेशन के संबंध में जानकारी साझा की। डॉ. जितेंद्र कुमार, कृषि वैज्ञानिक भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान भोपाल ने मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने एवं संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। अनुविभागीय कृषि अधिकारी जय दत्त शर्मा ने उपसंचालक कृषि के मार्गदर्शन में जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु विकसित किए गए क्लस्टरों की जानकारी व विभागीय गतिविधियों पर प्रकाश डाला।विजय इंडस्ट्री से विजय जैन जी ने खुरई क्षेत्र के कृषि यंत्रीकरण की भूमिका पर चर्चा की । फसल अवशेष के प्रबंध सत्र में श्री कुलवीर सिंह बरार (टाटा ट्रस्ट) ने नरवाई प्रबंधन एवं फसल अवशेषों के वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी दी ।डॉ. जितेंद्र कुमार (IISC), श्री राकेश गुप्ता (TNC), श्री कुलवीर सिंह बरार (टाटा ट्रस्ट) ने अपने विचार साझा किए।कृषि अभियांत्रिकी विभाग से अल्बर्ट कुजूर ने विभागीय योजनाओं के अनुदान व यंत्रों की उपयोगिता पर बारीकी से जानकारी दी ।डॉ. संतोष सहाने ने बायो रिसोर्स सेंटर के माध्यम से ईंधन एवं जैविक उर्वरकों के वैकल्पिक स्रोतों पर जानकारी प्रदान की। TNC से रवि गुप्ता, दयोदय के सीईओ अक्षय जैन , डॉ मनीष जैन आदि भी अतिथि वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। *प्राकृतिक कृषि में कीट प्रबंधन* कनाडा से पधारे अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ मिस्टर जुलियस मेलार्ड ने प्राकृतिक खेती में मित्र एवं शत्रु कीटों की पहचान तथा उनके प्रबंधन की महत्वपूर्ण जानकारी दी। कई देशों के अनुसंधान के आधार पर अति महत्वपूर्ण जानकारियों से किसानों को अवगत कराया। कार्यशाला के फसल अवशेष प्रबंधन सत्र में कार्यक्रम में डॉ. के.एन. अग्रवाल (ICAR-CIAE, भोपाल) ने पराली एवं नरवाई प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों पर प्रकाश डाला। कमलेश मगरधे (जिला उद्योग केंद्र, सागर) ने बताया कि नरवाई प्रबंधन में उपयोग होने वाले कृषि यंत्रों में आवश्यक संशोधन (मॉडिफिकेशन) कर उन्हें अधिक उपयोगी बनाया जा सकता है तथा इन यंत्रों के निर्माण और विपणन में भी व्यापक संभावनाएं हैं। डॉ. जितेंद्र सिंह (वरिष्ठ वैज्ञानिक, ICAR-CIAE) ने कहा कि कृषि यंत्रीकरण तेजी से बढ़ रहा है और किसानों द्वारा आधुनिक कृषि उपकरणों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है, जिससे खेती अधिक लाभकारी एवं प्रभावी बन रही है। विशेषज्ञों ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इसके स्थान पर जैविक एवं प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देकर किसानों की लागत कम की जा सकती है तथा मिट्टी की उर्वरता को लंबे समय तक बनाए रखा जा सकता है। विशेषज्ञों ने बताया कि कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता देना आवश्यक है। कृषि अवशेषों को जलाने के बजाय उनके वैज्ञानिक प्रबंधन एवं उपयोग से किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त हो सकती है तथा प्रदूषण में भी कमी लाई जा सकती है। कृषि विज्ञान केंद्र, सागर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. आशीष त्रिपाठी ने लाइट ट्रैप एवं फेरोमोन ट्रैप के माध्यम से कीट प्रबंधन की आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया। *कृषि पारिस्थितिकी यंत्रीकरण* अंतिम सत्र में कैमरून से पधारीं मिस मिलियन लाटा ने कृषि पारिस्थितिकी या यंत्रीकरण विषय पर प्रस्तुतिकरण दिया। कृषि पारिस्थितिकी यंत्रीकरण में मिट्टी के स्वास्थ्य, जैव विविधता और जल संरक्षण को नुकसान पहुँचाए बिना उत्पादकता बढ़ाना और मानव श्रम को कम करने जैसे विषयों पर चर्चा की। कार्यशाला के प्रत्येक सत्र में अतिथि विद्वानों ने प्रस्तुतिकरण दिया चर्चा की और इसके बाद उपस्थित किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।कृषि वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों ने आधुनिक तकनीकों, प्राकृतिक खेती और फसल अवशेष प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। पर्यावरण अनुकूल कृषि तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। कार्यशाला में GIZ टीम सहित बड़ी संख्या में जिले के विभिन्न विकासखंड से आए प्राकृतिक खेती करने वाले किसान, कृषि विभाग का समस्त स्टाफ,कृषक उत्पादक समूह, प्रगतिशील कृषक, कृषि यंत्र निर्माता सम्मिलित हुए। CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

Sagar, Madhya Pradesh | Jun 17, 2026