रामलीला में बुधवार शाम 6 से रात 10 बजे तक मंचन के दौरान रावण मरीच को स्वर्ण मृग बनाकर रामकुटी के आसपास भेजा। भगवान राम उसका शिकार करने वन मे उसके पीछे गए, राम की पुकार सुन लक्ष्मण भी उनके पीछे दौड़े, इसी बीच रावण साधू का भेष बनाकर कुटी में आया और सीता का हरण कर पुष्पक विमान में ले गया। जटायु ने सीता हरण को रोकने और रावण के साथ युद्ध की लीला का मंचन हुआ।