टेहरोली: बंगरी बंगरा में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत के अंतिम दिन सुदामा चरित्र सुनकर भावुक हुए श्रद्धालु
आज गुरुवार को समय शाम 6 बजे अंतिम दिन कथाव्यास ब्रजबिहारी शास्त्री जी ने सुदामा चरित्र का बखान कर कहा कि मित्रता वह कड़ी है जो मित्र की किसी भी परिस्थिति सुख दुख में मदद करने को तैयार रहे कथा सुनने आए श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का प्राप्त करने का मार्ग समझाया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का अंतिम दिवस वह पावन अवसर है