मथुरा: आशा वर्करों ने मुख्यालय पर किया हल्ला बोल प्रदर्शन, चेतवानी न मानने पर हड़ताल की दी चेतावनी
आशा वर्करों का आरोप है कि विगत तीन महीनों से उनका मानदेय दबाकर रखा गया है, जिससे उनके सामने भुखमरी का संकट खड़ा हो गया है।हद तो यह है कि जान जोखिम में डालकर कोरोना काल में किए गए काम और स्कूलों मे बच्चों के टीकाकरण का मेहनताना भी इन्हें आज तक नहीं मिला है। इसके अलावा तीस वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का सर्वे फॉर्म भरवाने की राशि भी विभाग दबाकर बैठा है।