चंबा - छतराड़ी बस रूटहिमाचल के सबसे खतरनाक रूट्स में से एक माना जाता है। एक तरफ खड़ी पहाड़ी, दूसरी तरफ गहरी खाई... और बीच में बस जितनी चौड़ी सड़क। आज तो गाडर के ऊपर भी
1. चालक की तारीफ पहाड़ का ड्राइवर होना आसान नहीं। बिना ब्रेक लिए, बिना डरे, मोड़-मोड़ पर हॉर्न बजाते हुए सैकड़ों जानें उनके हाथ में होती हैं। उनका जिगरा और हुनर ही है जो रोज़ इस रूट को चलता रखता है।
2. *लोगों की सहनशक्ति*: और पहाड़ के लोग भी कम नहीं। रोज़मर्रा का काम, स्कूल, अस्पताल सब इसी बस के भरोसे। डर लगता है, पर मजबूरी भी है।
3. समझ नहीं आता है ज्यादा तारीफ किसकी है की जाए चालक की या फिर लोगों की सहनशक्ति की?