बालोद जिले के कुसुमकसा गांव की रहने वाली रूखमणी सिन्हा गर्ल्स हॉस्टल में रसोइया के पद पर कार्यरत थीं। परिजनों के मुताबिक रूखमणी 20 से 23 जनवरी तक रसोइया संघ के आंदोलन में शामिल होने रायपुर गई हुई थीं। बुधवार सुबह 10 बजे मृतिका बेटे गोविंद सिन्हा ने बताया की आंदोलन से लौटने के बाद 24 जनवरी को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उन्हें चक्कर आ रहे थे और पेट फुला-फुला सा महसूस हो रहा था। परिजन उन्हें 108 एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल बालोद लेकर पहुंचे, जहां करीब एक घंटे बाद हालत गंभीर बताकर रेफर कर दिया गया।