चोली का यह ऐतिहासिक तालाब करीब 123 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है. तालाब की दक्षिण दिशा में पत्थरों की विशाल दीवार बनाई गई थी, जिस पर अद्भुत नक्काशी की गई थी. हालांकि, देखरेख के अभाव में दीवार का बड़ा हिस्सा टूट चुका है, जिसके कारण अब वह प्राचीन कारीगरी दिखाई नहीं देती. फिर भी तालाब की बनावट और इसकी संरचना देखकर आज भी लोग हैरान रह जाते हैं.