देखिए ज़रा ये जुगाड़ सहरसा अमृतसर जनसेवा एक्सप्रेस में ट्रेन में जगह नहीं मिली तो यात्रियों ने सीटों के ऊपर लटकता हुआ लचकदार झूला बेड बना लिया कपड़े, रस्सी और थोड़ा सा हुनर बस, बन गया चलता-फिरता स्लीपर कोच ,कहते हैं जरूरत ही आविष्कार की जननी है और बिहार के लोगों का दिमाग जब चलता है,तो जुगाड़ की नई मिसाल बन जाती है