ग्वालियर गिर्द: दहेज़ प्रताडना के आरोपों से बरी, फिर भी अनुकंपा नियुक्ति नहीं कोर्ट ने दी राहत
हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने कहा कि दहेज प्रताड़ना के मामले में बरी हो चुके व्यक्ति को केवल इसी आधार पर अनुकंपा नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता।उसे 2 महीने के भीतर नौकरी पर रखने के आदेश विभाग को दिए। इसके पिता राजकुमार पुलिस विभाग में ASI थे। साल 2022 में ड्यूटी के दौरान उनका निधन हो गया। इसके बाद राघवेंद्र ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन दिया था।