तिलक हमारी आस्था और संस्कृति का प्रतीक है। जब एक टीका कोरोना जैसी महामारी से बचा सकता है, तो प्रभु के नाम का तिलक हमें भवसागर से पार लगा सकता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को रोज अपने मस्तक पर तिलक लगाना चाहिए। मंगलवार 12 बजे कथा वाचक शुभम् कृष्ण दुबे ने श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा समिति द्वारा नगर में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन कही