पन्ना की ग्राम पंचायत में, जिसने जल संकट से जूझ रहे गांवों को एक नई राह दिखाई है। नाम है— फुलवारी! जहाँ छतों से गिरने वाली बारिश की बूंदों ने अब जमीन की प्यास बुझाना शुरू कर दिया है। नलों से खारा पानी आने की समस्या हो या सूखते हुए बोरवेल, फुलवारी पंचायत ने 'समर्थन' संस्था के साथ मिलकर आज दिन सोमवार 29 दिसम्बर को शाम 5 बजे एक ऐसा 'मैजिक मॉडल' तैयार किया।