भीलवाड़ा शहर का मंगलपुरा इलाका। यहां रहने वाले मनीष के घर के बाहर तक रोने की आवाज आ रही हैं। आवाज दो मासूमों की है। एक ही उनकी चार साल की बेटी और दूसरा है हफ्तेभर पहले जन्म उनका बेटा।
मनीष बताते हैं.. दोनों ही बच्चे कुछ नहीं खा रहे और लगातार रोए जा रहे हैं, उनकी आंखें सूज गई हैं, लेकिन रोना बंद नहीं हो रहा है। दोनों केवल अपनी मां की गोद में जाना चाहते हैं।
लेकिन मनीष की पत्नी ईशा की सिजेरियन डिलीवरी के तीन दिन बाद (8 जुलाई) भीलवाड़ा के सरकारी हॉस्पिटल में मौत हो चुकी है।
ये हालात केवल मनीष के घर के ही नहीं हैं, ऐसे चार और नवजात हैं, जिन्होंने आंखें खोली तो मां का साथ छूट गया। इन बच्चों के परिवारों का आरोप है भीलवाड़ा के महात्मा गांधी सरकारी हॉस्पिटल की लापरवाही से कारण ये मौतें हुई हैं।
#Bhilwara #rajasthan #video #news