मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन के विदाई समारोह में भावनाओं का अनोखा दृश्य देखने को मिला। शुक्रवार दोपहर 1 बजे के करब उन्होंने मशहूर शायर राहत इंदौरी का शेर पढ़ते हुए कहा— “जो आज साहिब-ए-मसनद हैं, कल नहीं होंगे, किराएदार हैं, जाती मकान थोड़ी है।” यह शेर सुनते ही समारोह में मौजूद न्यायाधीशों और अधिवक्ताओं की आंखें नम हो गईं।