पटियालकड़ गांव में शहीद विंग कमांडर नामांश स्याल के घर मातम पसरा हुआ है, बेटे की शहादत पर पिता जगन्नाथ स्याल नम आंखों से हिम्मत दिखाने की कोशिश तो कर रहे हैं, लेकिन शब्दों में बिछड़ने का दर्द साफ झलक रहा है,मेरे बेटे के जाने से देश का भी नुकसान हुआ है और मेरा भी, एयरोबेटिक्स में पूरे देश में केवल चार पायलट थे,उनमें से एक मेरा नामांश भी था।